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Lucknow News: सरोजनीनगर में बनेगा डीआरडीओ का डिटेक्शन टेक्नोलॉजी केंद्र

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में सरोजनीनगर तहसील के भटगांव में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से संबद्ध आईआर डिटेक्शन टेक्नोलॉजी केंद्र की स्थापना होगी। इस परियोजना के लिए डीआरडीओ से संबद्ध यंत्र अनुसंधान एवं विकास संस्थान (आईआरडीई) को एक रुपये वार्षिक लीज रेंट पर 10 हेक्टेयर भूमि दी जाएगी। मंगलवार को मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
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इस केंद्र की स्थापना पर 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यह डीआरडीओ की मदद से स्थापित होगा। यहां सेमीकंडक्टर आईआर (इंफ्रा रेड) डिटेक्टरों का निर्माण किया जाएगा, जिससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर डीआरडीओ ने प्रयोगशाला की स्थापना के लिए राज्य सरकार से भूमि की मांग की थी।
ब्रह्मोस मिसाइल में इस्तेमाल होता है सेमीकंडक्टर आइआर डिटेक्टर
सेमीकंडक्टर आइआर डिटेक्टरों का इस्तेमाल ब्रह्मोस मिसाइल सहित कई रक्षा उपकरणों में किया जाता है। वर्तमान में भारत विदेश से आइआर डिटेक्टरों की 5,000 से अधिक यूनिट आयात करता है। आइआर डिटेक्शन टेक्नोलाॅजी केंद्र की स्थापना के बाद आइआर डिटेक्टरों की 1,000 यूनिट का निर्माण प्रतिवर्ष किया जाएगा। भविष्य में इसका विस्तार कर 10,000 यूनिट निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
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आइआर डिटेक्शन टेक्नाेलाॅजी केंद्र में थर्मल इमेजिंग सिस्टम और मल्टीसेंसर सर्विलांस सिस्टम को भी रक्षा उपकरण के रूप में विकसित किया जाएगा। इसकी स्थापना से 150 इंजीनियरों व 500 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
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