डीआरडीओ की कानपुर स्थित लैब ने भारतीय जवानों के लिए ऐसा फौलादी हेलमेट तैयार किया है। जिसे अब दुश्मनों की गोलियां भी नहीं भेद सकेंगी। जिससे कि देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे सेना के जवानों के सिर को अब बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।
सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीपेट) ने लोहे से भी मजबूत और हल्के हेलमेट को बनाने में सफलता पाई है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि प्लास्टिक में नैनो कंपोजिट्स के इस्तेमाल से बने इन हेलमेट को जल्दी ही सेना को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
सीपेट की रिसर्च एंड डेवलपमेंट विंग नैनो कंपोजिट्स से हेलमेट बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है।
गोली लगने पर नहीं टूटेगा
यह प्रोजेक्ट सीपेट के वैज्ञानिकों को रक्षा मंत्रालय के डिफेंस रिसर्च एंड डवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) की कानपुर स्थित लैब डिफेंस मैटेरियल्स एंड स्टोर रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (डीएमएसआरडीई) ने दिया था।
इसके लिए लैब ने सीपेट को करीब 20 लाख रुपये दिए थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस हेलमेट से जवानों के सिर को युद्ध के समय ज्यादा सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
नैनो तकनीक के उपयोग से बना यह हेलमेट मौजूद समय में इस्तेमाल हो रहे हेल्मेट से ज्यादा मजबूत होगा। वहीं इसका वजन भी पहले की तुलना में काफी कम होगा।
सीपेट के चीफ मैनेजर तकनीकी डॉ. प्रदीप उपाध्याय ने बताया कि वर्तमान में इस्तेमाल हो रहे हेल्मेट में कई बार बुलेट लगने पर क्रेक की समस्या देखने को मिली। इससे इंजरी की शिकायतें भी मिलीं। इसी से निबटने के लिए इस प्रोजेक्ट पर काम किया गया था।
नैनो तकनीक का प्रयोग
हेलमेट को डिजाइन करने में शुरुआती सफलता मिल चुकी है। हालांकि संस्थान के वैज्ञानिक इसे और बेहतर करने पर लगातार काम कर रहे हैं। वैज्ञानिकों की कोशिश है कि इसे जल्दी ही पूरा कर लिया जाए।
पॉलीमर (एक तरह का प्लास्टिक) के नैनो कंपोजिट्स की वजह से बने हेलमेट की दीवार कम फ्लेक्सिबल होगी। यह गुण ही इसे ज्यादा मजबूती देगा। वहीं नैनो तकनीक का इस्तेमाल कर बने हेलमेट का वजन भी कम करने में हमें मदद मिली है। इससे सेना के जवानों को आराम मिलेगा।
क्या है नैनोकंपोजिट
नैनो कंपोजिट एक तरह के सॉलिड मल्टीफेज मैटेरियल हैं। नैनो साइज में होने की वजह से इस मैटेरियल को कई गुना ज्यादा मजबूती मिलती है। नैनो कंपोजिट्स प्राकृतिक रूप से हड्डियों में पाए जाते हैं।
पॉलीमर में मिलाए जाने पर इसकी क्षमता बढ़ जाती है। पॉलीमर नैनो कंपोजिट्स को नैनो फिल्ड पॉलीमर कंपोजिट्स भी कहा जाता है। इसे मल्टी डायमेंशनल स्ट्रक्चर में भी उपयोग किया जा सकता है।