महिला उद्यमियों ने प्रदेश सरकार से महिला इंडस्ट्रियल पार्क, महिला हाट, महिला स्किल डवलपमेंट फंड और महिला उद्यमियों के उत्पादों की पांच प्रतिशत खरीद अनिवार्य करने की मांग की है।
महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए उनके नाम से जमीन खरीदने पर स्टांप ड्यूटी पर अधिक छूट देने की भी वकालत की गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन मांगों पर विचार का भरोसा दिलाया। वहीं, अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सावित्री, सीता और द्रौपदी में द्रौपदी को सर्वश्रेष्ठ बताया।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को गोमतीनगर के एक होटल में फिक्की की महिला उद्यमियों के संगठन फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) के लखनऊ व कानपुर चैप्टर का शुभारंभ किया।
एफएलओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्चना गरोडिया गुप्ता ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सीएम के सामने कई खास मांगें रखीं।
इनमें लखनऊ, कानपुर व नोएडा में महिला इंडस्ट्रियल पार्क व लखनऊ, कानपुर, नोएडा व वाराणसी में महिला हाट स्थापित करने के साथ ही महिलाओं के लिए स्किल डवलपमेंट से जुड़ी गतिविधियां शुरू करने लिए अलग से फंड स्थापित कराने की मांग शामिल है। उन्होंने महिलाओं को गैर परंपरागत क्षेत्रों में काम के अवसर उपलब्ध कराने की वकालत की।
समाजवादियों की नजर में द्रौपदी सर्वश्रेष्ठ
सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि महिलाओं की मजबूती से पूरा परिवार व समाज मजबूत होता है एफएलओ में महिलाओं व लड़कियों की भागीदारी जितना ज्यादा होगी, उतना अच्छा रहेगा।
कार्यक्रम को फिल्म निर्माता फराह खान, निवर्तमान उपाध्यक्ष विनीता बिम्भट व ज्योत्सना हबीबुल्ला ने भी संबोधित किया। इस मौके पर मुख्य सचिव आलोक रंजन, प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल व प्रमुख सचिव पशुधन रजनीश गुप्त आदि उपस्थित रहे।
महिलाओं की तरक्की के बिना खुशहाली नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की तरक्की के बिना खुशहाली नहीं आ सकती। महिलाओं को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कन्या विद्याधन व लैपटॉप वितरण की चर्चा करते हुए कहा कि इसका सबसे अधिक फायदा महिलाओं को मिला। समाजवादी पेंशन का फायदा भी महिलाएं बड़े पैमाने पर पा रही हैं।
द्रौपदी सर्वश्रेष्ठ नारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी लोग सावित्री, सीता व द्रौपदी में द्रौपदी को सर्वश्रेष्ठ मानते हैं क्योंकि हिम्मत, साहस व बोलने की जो इच्छा द्रौपदी में नजर आती है, वह दूसरी में नहीं। सावित्री पतिव्रता स्त्री के रूप में सम्मान पाती है, लेकिन इसके उलट यदि कोई पत्नीव्रत है तो समाज उसे क्या कहने लगता है? इस सोच को बदलना होगा।
कॉर्पोरेट हाउसेज के लिए महिला डायरेक्टर तैयार करेगी एफएलओ
कॉरपोरेट हाउसेज को महिला डायरेक्टर रखने की जो समय सीमा दी गई थी, वह बीत गई, पर कंपनियों ने उत्साह नहीं दिखाया। यह पूछे जाने पर एफएलएओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कंपनियां कहती हैं कि डायरेक्टर बनाने के लिए महिलाएं मिलती ही नहीं।
ऐसे मेंएफएलओ महिलाओं को प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलाएगा। फिर कंपनियों को इनकी सूची भेजी जाएगी कि इनमें से वे अपने पसंद की डायरेक्टर का चयन कर लें।
महिलाओं को संपत्ति में मिले समान भागीदारी
गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को संपत्ति में समान भागीदारी मिलनी चाहिए। ऐसा न होने से महिलाओं को बैंक लोन नहीं देते। वहीं, हर बैंक में महिला डेस्क होनी चाहिए जहां महिला उद्यमियों को सभी जरूरी जानकारी मिल सकें।
उन्होंने बताया कि ई-कॉमर्स की सुविधा मिलने से महिलाएं घर बैठे अंतरराष्ट्रीय मार्केट से जुड़ सकती हैं। यह ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बहुत बड़ी पहल साबित हो सकती है।