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Lucknow News: डॉ. रमीज के मददगार भी रडार पर

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लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजीडेंट से यौन शोषण और धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज को शह देने वालों की तलाश भी तेज हो गई है। जांच एजेंसियां डॉ. रमीज के मददगार केजीएमयू के चिकित्सक और कर्मचारियों का पता लगा रही है। केजीएमयू में पैथालॉजी इंचार्ज डॉक्टर वाहिद अली को हटाने के बाद चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि सीडीआर में आरोपी रमीज के कई लोगों से बातचीत के साक्ष्य मिले हैं। इनमें से अधिकतर केजीएमयू की फैकल्टी में शामिल हैं। पुलिस ने पैथालॉजी विभाग में कार्यरत लोगों के बयान दर्ज किए हैं। आरोपी और पीड़िता के संबंधों के बारे में पूछा गया है। अधिकतर ने इस मामले की जानकारी से इन्कार किया है। जांच एजेंसियों ने रमीज के खातों में रकम ट्रांसफर करने वालों का ब्योरा जुटाया है। रकम भेजने वालों से भी पूछताछ की तैयारी है।

पुलिस यह पता करेगी कि रमीज के खाते में किस मकसद से रकम भेजी गई थी। खास बात यह है कि पीड़िता ने सबसे पहले केजीएमयू में जिन लोगों से शिकायत की थी, उनके बयान भी दर्ज होंगे। पैथालॉजी और सीसीयू विभाग के अफसरों ने शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की, इस पर भी जवाब तलब किया जाएगा।
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छांगुर कनेक्शन की जांच करेगी एसटीएफ

प्रकरण की विवेचना में एसटीएफ को सहयोग के लिए लगाया गया है। बताया जा रहा है कि एसटीएफ धर्मांतरण के आरोपी छांगुर से रमीज के कनेक्शन की छानबीन करेगी। यह पता लगाया जाएगा कि दोनों की मुलाकात कहां हुई थी। यही नहीं, आगरा में एमबीबीएस करने के दौरान रमीज किन लोगों के संपर्क में था, इसके बारे में भी एसटीएफ पता लगाएगी। रमीज और डॉ. परवेज के संबंधों के बारे में भी छानबीन की जा रही है। परवेज वर्ष 2012 में आगरा से एमडी कर रहा था।
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