डॉ. हरीश चंद्र निगम
लखनऊ। प्राणीशास्त्र विज्ञानी एवं शिक्षक डॉ. हरीश चंद्र निगम (डॉ. एचसी निगम) का 93 वर्ष की उम्र में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। उनके निधन से विज्ञान जगत में शोक व्याप्त है। डॉ. निगम समर्पित शिक्षक और मार्गदर्शक थे, जिनसे प्रेरणा व शिक्षा लेकर हजारों छात्र प्रतिष्ठित चिकित्सक, जैव वैज्ञानिक और शोधकर्ता बने। 6 फरवरी, 1932 को यूपी के उन्नाव में जन्मे डॉ. निगम ने अपना जीवन शिक्षण और शोध के लिए समर्पित कर दिया था। प्राणिशास्त्र के क्षेत्र में उन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी।
चार दशकों से अधिक समय तक प्रतिष्ठित शैक्षणिक कॅरिअर के साथ डॉ. निगम ने कई मौलिक पाठ्यपुस्तकें, विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए पाठ्यपुस्तकें, प्री-मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए रेफरेंस बुक, शोध पत्र और लेख लिखे, जिन्होंने छात्रों और विद्वानों की पीढ़ियों को प्रेरित किया है। इन पुस्तकों के अलावा डॉ. निगम ने अंतरराष्ट्रीय साइंस जर्नल्स समेत दुनिया के बड़े अखबारों के लिए निरंतर लेख भी लिखे। -
इन पुरस्कारों से नवाजे गए
साल 1984 में अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टीट्यूट यूएसए से प्रतिष्ठित अकादमिक पुरस्कार मिला। 1988 में वह शोध बोर्ड में सलाहकार बने। भारतीय चिकित्सा संघ ने साल 2006 में सम्मानित किया। प्राणीशास्त्र के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. निगम को दुनिया की महान हस्तियों में शामिल किया जाता है।