प्रेसवार्ता के दौरान बियोंड द कर्टन नाटक के बारे में जानकारी देतीं निर्देशक मुस्कान गोस्वामी और
लखनऊ। वरिष्ठ रंगकर्मी और फिल्म अभिनेता डॉ. अनिल रस्तोगी 82 वर्ष की उम्र में अपना सौवां नाटक लेकर आ रहे हैं जिसका नाम है बियॉन्ड द कर्टन। 22 दिसंबर को शाम सात बजे संगीत नाटक अकादमी में इसका मंचन किया जाएगा। यह एंटन चेखव की कहानी स्वान सॉन्ग से प्रेरित है। इसका पुनर्लेखन किया है यश योगी ने और निर्देशन कर रही हैं मुस्कान गोस्वामी।
महानगर में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में नाटक की निर्देशक मुस्कान गोस्वामी ने बताया कि चेखव की कहानी का पात्र वैसली निराशावाद में डूब जाता है लेकिन डॉ. अनिल रस्तोगी की कहानी इससे अलग है। वे इस उम्र में भी कला और अपने काम से प्रेम करते हैं और अपनी अब तक की रंगयात्रा से पूरी तरह से संतुष्ट हैं। इसीलिए कहानी में परिवर्तन किया गया और इसमें डॉ. अनिल रस्तोगी की अपनी जीवन यात्रा को पिरोया गया है।
डॉ. अनिल रस्तोगी ने कहा कि वे इस समय बीमार है लेकिन इस नाटक को मंच पर दर्शकों के सामने प्रस्तुत करने का उनका उत्साह बीमारी पर भारी पड़ रहा है। कोशिश रहेगी कि दर्शकों को यह नाटक पसंद आए। नाटक का एक अत्यंत काव्यात्मक और प्रतीकात्मक पहलू यह है कि नायक की परछाईं अम्बरीश बॉबी द्वारा एक काव्यमय शैली में निभाई गई है। नाटक के अंत में अभिनेता अनिल और वैज्ञानिक डॉ. अनिल रस्तोगी के भीतर के दोनों रूप एक-दूसरे में विलीन होकर बुढ़ापे को उत्सव में बदल देते हैं।