लखनऊ। जानकीपुरम इलाके के अजनहर गांव के जंगल में शुक्रवार सुबह मिले नवजात को फेंकने वालों का पता नहीं चल सका है। मां भगवती विकास संस्थान उदयपुर के संस्थापक देवेंद्र अग्रवाल कहते हैं कि उनकी संस्था ने मेडिकल काॅलेज में पालना रखा है, जहां पर लोग अपने नवजात को छोड़ सकते हैं। उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाती है। लोकलाज के कारण नवजात को झाड़ियों में न फेंके।
जानकीपुरम के अजनहर गांव में शुक्रवार सुबह करीब 5:45 बजे झाड़ियों से नवजात पड़ा मिला था। नवजात के शरीर में बबूल के कांटे चुभे हुए थे। पुलिस ने उसे बीकेटी के राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। सीएमएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि नवजात पूरी तरह से स्वस्थ है। चिकित्सक उस पर पूरी नजर रखे हुए हैं। नवजात का वजन पौने तीन किग्रा है। जल्द ही उसे चाइल्ड लाइन को सौंप दिया जाएगा।