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Lucknow News: एंजियोप्लास्टी के बाद पेट गड़बड़ाने को हल्के में न लें

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लखनऊ। एंजियोप्लास्टी (स्टेंट डालने की प्रक्रिया) के बाद पेट गड़बड़ाने की समस्या को हल्के में न लें। इससे दिल के मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर दवा लेना जरूरी है। अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन सेंटर में बृहस्पतिवार को नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल की ओर से आयोजित कॉन्फ्रेंस में केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी विभाग के डॉ. शरद चंद्रा ने यह जानकारी दी। कार्यक्रम में दुनिया भर से करीब 1000 कॉर्डियोलॉजिस्ट जुटे।
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डॉ. शरद ने कहा कि एंजियोप्लास्टी के तीन से चार दिन बाद जब मरीज घर पहुंच जाते हैं तो उनमें से 25 से 30 प्रतिशत का पेट गड़बड़ हो जाता है। इसका कारण दवाएं और इलाज में इस्तेमाल डाई (कॉन्ट्रास्ट) हो सकती है। डॉ. गौरव चौधरी ने बताया कि स्टेंट डालते वक्त रक्त वाहिकाओं को साफ देखने के लिए विशेष प्रकार की डाई लगाई जाती है। यह कुछ मरीजों पर असर डाल सकती है, जिससे पेट दर्द, गैस, अपच या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। स्टेंट डालने के बाद खून को पतला रखने और संक्रमण से बचाने के लिए दी जाने वाली दवाएं भी पेट पर असर डालती हैं। यह परेशानी होने पर डॉक्टर से सलाह लें।



दो से तीन प्रतिशत मरीजों की किडनी पर भी असर

लोहिया संस्थान में कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चंद्र तिवारी ने बताया कि जिन मरीजों में गैस्ट्रिक की समस्या रहती है, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती हैं। डॉ. अखिल शर्मा ने कहा कि एंजियोप्लास्टी के बाद दो से तीन प्रतिशत मरीजों की किडनी पर भी असर पड़ता है। डाई या दवाओं से क्रिएटिनिन का स्तर बढ़ जाता है। कई बार डायलिसिस की जरूरत भी पड़ती है। एक-दो डायलिसिस के बाद मरीज सामान्य हो सकता है।
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