परोपकार और समाज सेवा में खर्च करने वाले देश के उद्योगपतियों की सूची में यूपी के कई उद्योगपतियों के नाम हैं। लखनऊ ने एपको इंफ्राटेक के विनोद कुमार सिंह और अनिल कुमार सिंह ने 9 करोड़ रुपये दान किए। वहीं जेके सीमेंट के माधव सिंघानिया ने 8 करोड़ और राघव सिंघानिया ने भी 8 करोड़ रुपये दिए। उनके अतिरिक्त यूपी से जुड़े करीब आठ कारोबारियों के पंजीकृत ऑफिस दिल्ली, गुड़गांव और बंगलुरु में हैं। इस आधार पर यूपी के लगभग 12 उद्योगपतियों ने पिछले एक वर्ष में करीब 250 करोड़ रुपये परोपकार पर खर्च किए। एक वर्ष में देश के दानवीर कारोबारियों ने 8783 करोड़ रुपये की समाजसेवा की। इसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन समूह हुरुन इंडिया- एडेलगिव ने जारी किया है।
परोपकार पर अपनी दौलत खर्च करने वाले भारतीय उद्योगपतियों की ताजा सूची में 96 नए नाम शामिल हुए हैं। खास बात ये है कि दान करने वालों में युवाओं की संख्या अच्छी खासी है। साथ ही दान की राशि भी पिछले दो वर्ष की तुलना में करीब 55 फीसदी ज्यादा हो गई है। इतना ही नहीं व्यक्तिगत रूप से दान करने वाले उद्योगपतियों की संख्या 10 से बढ़कर 18 हो गई। पिछले पांच वर्ष में सालाना 100 करोड़ रुपये से ज्यादा दान करने वाले 12 से बढ़कर 30 हो गए। 50 करोड़ से ज्यादा दान करने वाले 25 से बढ़कर 61 हो गए। 10 करोड़ रुपये सलाना दान करने वालों की संख्या भी 80 से बढ़कर 117 हो गई। दानवीरों की इस सूची में 21 महिलाएं भी हैं।
एचसीएल के संस्थापक रहे टॉप पर
इस वर्ष भी एचसीएल के संस्थापक शिव नादर देश के सबसे बड़े दानवीर रहे। उन्होंने 2153 करोड़ रुपये यानी प्रतिदिन 5.9 करोड़ रुपये दान किए। दूसरे नंबर पर 407 करोड़ दान कर रिलांयस के मुखिया मुकेश अंबानी हैं। जेरोधा के 38 वर्षीय निखिल कामथ सबसे युवा परोपकारी के रूप में उभरे हैं। दान के मामले में सबसे बड़ी ग्रोथ हरीश शाह की रही है। उन्होंने 78 करोड़ दान किए और पिछले वर्ष(53) की तुलना में इस बार उनकी 22वीं रैंक रही। इसी तरह शबाना फैसल ने 20 करोड़ दान किए। पिछले वर्ष वह 100वें स्थान पर थीं और इस बार सीधे 61 स्थान की छलांग लगाकर 39वीं रैंक हासिल की।सूची में स्थान पाने वाले 30 फीसदी उद्योगपति मुंबई में रहते हैं। 19 फीसदी दिल्ली और 9 फीसदी बंगलुरु में रहते हैं। दिल्ली और हरियाणा के करीब 8 उद्योगपति यूपी से जुड़े हैं।