बता दें कि श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर अधिग्रहीत की गई चल-अचल संपत्तियों समेत रामलला को चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई धनराशि, सोना-चांदी को नए ट्रस्ट की घोषणा के साथ उसके ट्रस्टी बनाए गए राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को 5 फरवरी के दिन ही रिसीवर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने हस्तांतरित कर दी थी।
ट्रस्ट को समस्त संपत्तियों पर कब्जा देने के साथ इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने गृह मंत्रालय भारत सरकार को भेज दी थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश से अयोध्या एक्ट के तहत विवादित 2.77 एकड़ व अधिगृहित 67 एकड़ भूमि का भी ट्रस्ट को स्थानांतरण की प्रक्रिया हुई।