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ट्रस्ट के नए खातों में जमा होगा चढ़ावा, रामलला को अब तक 11 करोड़ रुपये मिले

Thu, 05 Mar 2020 09:43 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
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अयोध्याः रामलला की फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विराजमान रामलला को चढ़ावे के रूप में प्राप्त नकदी के लिए खुले बैंक खाते अब बंद होंगे। उनमें जमा रकम श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए बैंक खाते में स्थानांतरित होगी। इसके लिए ट्रस्ट ने गुरुवार को एसबीआई अयोध्या शाखा प्रबंधक को आवेदन पत्र सौंपा है।

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इसी बैंक में भक्तों से रामलला को मिले करीब 11 करोड़ नकद चढ़ावे की रकम को एक बचत व 87 सावधि खातों में जमा किया गया है। सभी खाते छह दिसंबर 1992 को बाबरी ध्वंस के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से श्रीराम जन्मस्थान के रिसीवर बनाए गए कमिश्नर फैजाबाद के नाम से खोले गए थे।

विराजमान रामलला के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट से 9 नवंबर 2019 को आए अंतिम फैसले के बाद गठित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पारदर्शी हिसाब किताब को लेकर सक्रिय है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी व अध्यक्ष की ओर से बैंकिंग कार्य के लिए अधिकृत ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र की ओर से बुधवार को भारतीय स्टेट बैंक की अयोध्या शाखा में नया खाता खोला गया है। साथ ही कोषागार में रखे गए द्रव्य (धातुएं- सोना-चांदी) के लिए लॉकर मांगा गया है। इस नए बैंक खाते में भक्तों से चढ़ावे के रूप में मिलने वाली नकद व धातुओं का हिसाब-किताब रखा जाएगा।

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राजा अयोध्या को पहले ही ट्रांसफर की जा चुकी है संपत्ति

बता दें कि श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर अधिग्रहीत की गई चल-अचल संपत्तियों समेत रामलला को चढ़ावे के रूप में प्राप्त हुई धनराशि, सोना-चांदी को नए ट्रस्ट की घोषणा के साथ उसके ट्रस्टी बनाए गए राजा अयोध्या बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को 5 फरवरी के दिन ही रिसीवर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल ने हस्तांतरित कर दी थी।

ट्रस्ट को समस्त संपत्तियों पर कब्जा देने के साथ इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन ने गृह मंत्रालय भारत सरकार को भेज दी थी। इसके बाद कोर्ट के आदेश से अयोध्या एक्ट के तहत विवादित 2.77 एकड़ व अधिगृहित 67 एकड़ भूमि का भी ट्रस्ट को स्थानांतरण की प्रक्रिया हुई।
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