इधर, तंबौर के ग्राम म्योड़ी निवासी सलीम का पुत्र मिसराइल (7) घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच कुत्तों ने मिसराइल पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उसे भी किसी तरह से बचाया। लेकिन तब तक मिसराइल घायल हो चुका था। इसके बाद कुत्तों का झुंड क्षेत्र के पतुरियन पुरवा पहुंच गया। यहां पर जाकिर का पुत्र सदाकत अली (6) गांव के बाहर जा रहा था। तभी कुत्तों ने सदाकत पर हमला बोल दिया। उसे भी कुत्तों ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया।
परिवारीजनों ने बच्चों को रेउसा सीएचसी पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने बच्चों की हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जहांगीराबाद निवासी कमलेश की पुत्री पायल (3) अपने मौसा के घर रामपुर कलां के ग्राम सरैंया कादीपुर गई थी।
हमले में घायल हुई बच्ची।
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बताते हैं कि यहां पर बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। यहां पर भी आदमखोर कुत्ते पहुंच गए और उसने बच्ची पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से खदेड़कर बच्ची को बचाया। तब तक वह जख्मी हो चुकी थी। इसी दौरान कुत्तों ने गांव के जलालुद्दीन (40) पर हमला बोल घायल कर दिया। दोनों को क्षेत्र के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के बाशिंदे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि जिले के लोगों ने खैराबाद में दिसंबर माह से जून तक चले कुत्तों के आतंक को देखा व सुना है।
ग्रामीणों को भय है, कि कहीं खैराबाद जैसा हाल अब इस क्षेत्र में भी न होने लगे। महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जोधपुर मुण्डेरा निवासी रामदास की पुत्री शालिनी (12), राजेश की पुत्री सुरभि (6) व पवन (18) को भी कुत्तों ने घायल कर दिया। नानमऊ निवासी अनुपम की पुत्री सृष्टि (6) को आदमखोर कुत्तों ने जख्मी कर दिया।
अपनी बहन व एक बच्चे को बचाने वाले रेउसा के ग्राम जट पुरवा निवासी अलीम का कहना था कि उसने खुद अपनी बहन शबनम को कुत्तों से घिरा देखा। वे उसे नोच रहे थे। अलीम का कहना है कि बहन को बचाने के लिए जब उसने प्रयास किया तो कुत्तों ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। उसने बताया कि ये कुत्ते चेहरे पर वार करने का प्रयास कर रहे थे। सलीम की बात मानें तो स्पष्ट है कि हमला करने वाले कुत्ते ही थे।
मामले पर एसडीएम शशिभूषण राय का कहना है कि हमलों की जानकारी होते ही राजस्व कर्मियों को घटनास्थलों पर भेजा गया है। जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
मौके भेजी गईं हैं टीमें
डीएफओ डॉ. अनिरुद्ध पांडेय का कहना है कि जिन स्थानों पर हमले हुए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। टीमें भेजी गई हैं, दिखवाया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जिले में आदमखोर कुत्तों के हमलों की बात करें, तो दिसंबर-2017 से कुत्तों के हमले हो रहे हैं। अब तक कुत्तों का झुंड 14 बच्चों की जान ले चुका है। जबकि 50 से अधिक बच्चों व युवाओं को जख्मी कर चुका है।