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खेल रहे बच्चों पर आदमखोर कुत्तों का हमला, अलग-अलग जगहों पर 11 को नोचा, ले चुके हैं 14 की जान

Tue, 10 Jul 2018 09:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीतापुर
हमले में घायल हुए बच्चे। - फोटो : amar ujala

सीतापुर जिले में एक बार फिर से आदमखोर कुत्तों का आतंक शुरू हो गया है। इस बार उन्होंने बिसवां तहसील क्षेत्र में धावा बोला है। मंगलवार को कुत्तों के झुंड ने रेउसा थाना क्षेत्र में चार बच्चों व एक युवक पर जानलेवा हमला किया। ग्रामीणों ने किसी तरह से बच्चों व युवक को बचाया। लेकिन तब तक वे इस कदर गंभीर हो चुके थे कि उन्हें रेउसा सीएचसी में भर्ती कराना पड़ा। जबकि दोपहर के वक्त कुत्तों ने रामपुर कलां थाना क्षेत्र में हमला बोलकर दो बच्चों को जख्मी कर दिया।



उधर, महमूदाबाद में भी कुत्तों ने चार बच्चों को जख्मी कर दिया। इन घटनाओं से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे हैं। रेउसा के ग्राम जटपुरवा निवासी अनीस का पुत्र छोटू (7) व यूसुफ की पुत्री शबनम (11) गांव में ही खेल रही थी। इसी बीच अचानक वहां पर कुत्तों का झुंड पहुंच गया। इससे पहले कि बच्चे कुछ समझ पाते। कुत्तों ने बच्चों पर हमला बोल दिया।

बताते हैं कि शबनम का बड़ा भाई अलीम (20) करीब में ही खड़ा था। बच्चों की चीख सुन वह दौड़कर मौके पर पहुंचा। अलीम खाली हाथ था, इस वजह से कुत्तों ने उसके ऊपर भी हमला बोल दिया। जान खतरे में देख अलीम ने मदद की पुकार लगाई। उसकी पुकार सुन गांव के लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे और कुत्तों को खदेड़ा। लेकिन तब तक छोटू, शबनम व अलीम जख्मी हो चुके थे।

बच्चे पर हमला कर जख्मी कर दिया

- फोटो : amar ujala
इधर, तंबौर के ग्राम म्योड़ी निवासी सलीम का पुत्र मिसराइल (7) घर के बाहर खेल रहा था। इसी बीच कुत्तों ने मिसराइल पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने उसे भी किसी तरह से बचाया। लेकिन तब तक मिसराइल घायल हो चुका था। इसके बाद कुत्तों का झुंड क्षेत्र के पतुरियन पुरवा पहुंच गया। यहां पर जाकिर का पुत्र सदाकत अली (6) गांव के बाहर जा रहा था। तभी कुत्तों ने सदाकत पर हमला बोल दिया। उसे भी कुत्तों ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया।

परिवारीजनों ने बच्चों को रेउसा सीएचसी पहुंचाया। यहां पर डॉक्टरों ने बच्चों की हालत नाजुक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जहांगीराबाद निवासी कमलेश की पुत्री पायल (3) अपने मौसा के घर रामपुर कलां के ग्राम सरैंया कादीपुर गई थी।

ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से खदेड़कर बच्ची को बचाया

हमले में घायल हुई बच्ची। - फोटो : amar ujala
बताते हैं कि यहां पर बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। यहां पर भी आदमखोर कुत्ते पहुंच गए और उसने बच्ची पर हमला कर दिया। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से खदेड़कर बच्ची को बचाया। तब तक वह जख्मी हो चुकी थी। इसी दौरान कुत्तों ने गांव के जलालुद्दीन (40) पर हमला बोल घायल कर दिया। दोनों को क्षेत्र के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के बाशिंदे अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। क्योंकि जिले के लोगों ने खैराबाद में दिसंबर माह से जून तक चले कुत्तों के आतंक को देखा व सुना है।

ग्रामीणों को भय है, कि कहीं खैराबाद जैसा हाल अब इस क्षेत्र में भी न होने लगे। महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जोधपुर मुण्डेरा निवासी रामदास की पुत्री शालिनी (12), राजेश की पुत्री सुरभि (6) व पवन (18) को भी कुत्तों ने घायल कर दिया। नानमऊ निवासी अनुपम की पुत्री सृष्टि (6) को आदमखोर कुत्तों ने जख्मी कर दिया।

बहन को बचाने का प्रयास किया तो कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया

घायल युवक अलीम। - फोटो : amar ujala
अपनी बहन व एक बच्चे को बचाने वाले रेउसा के ग्राम जट पुरवा निवासी अलीम का कहना था कि उसने खुद अपनी बहन शबनम को कुत्तों से घिरा देखा। वे उसे नोच रहे थे। अलीम का कहना है कि बहन को बचाने के लिए जब उसने प्रयास किया तो कुत्तों ने उसके ऊपर हमला बोल दिया। उसने बताया कि ये कुत्ते चेहरे पर वार करने का प्रयास कर रहे थे। सलीम की बात मानें तो स्पष्ट है कि हमला करने वाले कुत्ते ही थे।

मामले पर एसडीएम शशिभूषण राय का कहना है कि हमलों की जानकारी होते ही राजस्व कर्मियों को घटनास्थलों पर भेजा गया है। जांच के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

मौके भेजी गईं हैं टीमें
डीएफओ डॉ. अनिरुद्ध पांडेय का कहना है कि जिन स्थानों पर हमले हुए हैं, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। टीमें भेजी गई हैं, दिखवाया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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अब तक 14 की ले चुके हैं जान

जिले में आदमखोर कुत्तों के हमलों की बात करें, तो दिसंबर-2017 से कुत्तों के हमले हो रहे हैं। अब तक कुत्तों का झुंड 14 बच्चों की जान ले चुका है। जबकि 50 से अधिक बच्चों व युवाओं को जख्मी कर चुका है।
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