लखनऊ। शहर में खुले हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के डॉक्टर फर्जी तरीके से ओपीडी का ग्राफ नहीं बढ़ा पाएंगे। अब केंद्र में आने वाले मरीजों का आधार कार्ड व मोबाइल नंबर भी रिकाॅर्ड में दर्ज होगा। ऐसी स्थिति में जांच दौरान ओपीडी का ग्राफ आसानी से पता चलेगा। हालांकि, अभी यह व्यवस्था कुछ केंद्रों पर लागू हुई है। अफसरों का कहना है कि सभी केंद्रों पर यह व्यवस्था जल्द शुरू होगी।
राजधानी में 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर हैं। सभी केंद्र पर डॉक्टर व स्टाफ की तैनाती है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए प्रति माह 1,500 मरीज देखने का लक्ष्य तय है। वहीं, पीएचसी की ओपीडी का ग्राफ तीन हजार होना चाहिए। केंद्रों पर ओपीडी का ग्राफ कम होने पर डॉक्टर मनमर्जी मरीजों के नाम-पता दिखाकर ओपीडी का रिकाॅर्ड बढ़ाकर प्रोत्साहन राशि लेते थे। अब इस पर सख्ती बरती गई है। सीएमओ के निर्देश पर केंद्रों पर मरीजों का आधार कार्ड व मोबाइल नंबर दर्ज होने पर ही परचा बनाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि अभी कुछ केंद्रों पर इंटरनेट की व्यवस्था न होने से पुरानी व्यवस्था चल रही है। जल्द ही सभी जगह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी।