लोहिया संस्थान के चिकित्सकों ने खुद इम्प्लांट डिजाइन कर महिला को गर्दन के दर्द से राहत दिलाई। इस इम्प्लांट को लगाने के बाद बृहस्पतिवार को महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
फैजाबाद निवासी कल्पना (24) को चलने में दिक्कत थी। उसने लोहिया संस्थान के न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉ. डीके सिंह को दिखाया। जांच में गर्दन का आकार अधिक होने से परेशानी होने की बात सामने आई। इस दौरान प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त इम्प्लांट नं मिलने पर चिकित्सकों ने गर्दन के आकार के हिसाब से इम्प्लांट डिजाइन किया। करीब चार घंटे की सर्जरी के बाद इस इम्प्लांट को गर्दन व रीढ़ की हड्डी में फिट किया गया। अब वह पूरी तरह से चलने फिरने लगी हैं।
संस्थान इस इम्प्लांट का पेटेंट भी कराने की तैयारी में है। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. डीके सिंह, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. मो. कैफ, डॉ. कुलदीप यादव, सीनियर रेजीडेंट डॉ. फरहान, एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक मालवीय व डॉ. पीके दास शामिल रहे।