लखनऊ। दुबग्गा स्थित हसन क्लीनिक में इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप में एक महिला के पैर कटने की नौबत आ गई। 50 वर्षीय भगवाई देई सड़क हादसे में घायल हो गई थीं, जिसके बाद परिजनों ने उन्हें क्लीनिक में भर्ती कराया। बेटे सूरज का आरोप है कि क्लीनिक के डॉक्टरों ने टूटे पैर पर केवल मरहम-पट्टी की और एक्सरे तक नहीं कराया।
मरीज की हालत बिगड़ने पर जब जांच कराई गई तो पता चला कि पैर टूटने के साथ ही उसमें पस पड़ गया था। इसके बाद मरीज को केजीएमयू ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया, जिससे पैर कटने से बच गया। बेटे ने क्लीनिक संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
मामले की जांच सीएमओ को सौंपी गई है। सीएमओ कार्यालय में क्लीनिक संचालक के बयान दर्ज किए गए हैं। क्लीनिक संचालक हसन ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद हड्डी के डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन नहीं गए। नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।