डॉक्टरों की संवेदनहीनता और मरीजों के प्रति उनकी लापरवाही दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
केजीएमयू में शनिवार को गंभीर रूप से बीमार एक बुजुर्ग को भर्ती नहीं किया और उसे ट्रॉमा सेंटर भेज दिया।
ट्रॉमा में डॉक्टरों ने बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया। बुजुर्ग के परिवारीजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया तो गार्डों ने सबको धक्के मारकर बाहर कर दिया।
सीतापुर के हरिहर (52) को उनका बेटा हरिहर शनिवार को गंभीर हालत में लेकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचा। डॉक्टरों ने मरीज को देखने के बाद उसे ओपीडी में दिखाने की सलाह दी लेकिन वहां गए तो कोई डॉक्टर नहीं मिला।
सुनील ने पिता की हालत देखते डॉक्टरों से उनको भर्ती करने के लिए मिन्नतें की लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। सुनील फिर डॉक्टरों के पास पहुंचा तो डॉक्टरों ने उसे मेडिसिन विभाग भेज दिया।
सुनील दर्द से तड़पते पिता को मेडिसिन विभाग पहुंचा तो यहां भी कोई डॉक्टर नहीं मिला। कुछ देर बार एक डॉक्टर आए लेकिन उन्होंने इलाज से मना कर दिया।
विभाग में मरीज को लेकर घूमते देख एक डॉक्टर ने हरिहर की जांच की। उन्होंने मरीज की हालत गंभीर देखते हुए उसे ट्रॉमा ले जाने की सलाह दी।
सुनील अपने बुजुर्ग पिता को स्ट्रेचर पर लादकर ट्रॉमा सेंटर पहुंचा तो वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इससे नाराज परिवारीजनों ने शव ट्रॉमा के गेट पर रख कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामा देख डॉक्टरों ने गार्डों को हंगामा कर रहे लोगों को बाहर करने का आदेश दिया।