राजधानी में नोवा अस्पताल के डॉक्टरों पर सेवानिवृत्त आईएएस को बंधक बनाने का आरोप है। डिस्चार्ज में देरी और कमरे के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात करने का आरोप है। मामले में केस दर्ज करके पुलिस जांच कर रही है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
राजधानी लखनऊ में सेवानिवृत्त आईएएस किशोर कुमार सिन्हा ने नोवा अस्पताल के डॉक्टर व कर्मचारियों पर बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने 28 मई को आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
विज्ञापन
गोमती नगर के विनय खंड निवासी किशोर कुमार के अनुसार, वह दो अप्रैल को पत्रकार पुरम स्थित नोवा अस्पताल में भर्ती हुए थे। उन्हें अगले दिन छुट्टी मिलनी थी, पर डॉक्टरों ने डिस्चार्ज में देरी की। आरोप है कि उनके कमरे के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिया गया। दोपहर करीब 3.00 बजे वे सीढ़ियों से छिपकर अस्पताल से बाहर निकल पाए।
यह देख सुरक्षाकर्मी और दो डॉक्टरों ने उन्हें घसीटते हुए दोबारा अस्पताल ले जाने का प्रयास किया। उन्होंने खुद को छुड़ाकर यूपी 112 पर कॉल की और घर चले गए। बाद में परिवार के साथ गोमती नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मामले की विवेचना दरोगा प्रेम कुमार को दी गई है। जांच में जो भी साक्ष्य मिलेंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
नोवा हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि मरीज 24 घंटे भी अस्पताल में भर्ती नहीं रहे थे। रिटायर्ड आईएएस को बंधक बनाने का आरोप बेबुनियाद है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि रिटायर्ड आईएएस के जरिये कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस के जरिये पत्र भेजा जाता है तो मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। जांच में आरोप सही मिले तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी।