थायरायड कैंसर में अगर छोटी गांठ मिलती है तो यह जरूरी नहीं कि उसे ऑपरेट कराया जाए। अगर गांठ बढ़ नहीं रही हो तो सर्जरी के साइड इफेक्ट्स से बचने के लिए सर्जरी न कराना ही बेहतर होगा। लेकिन गांठ की जांच करवाते रहें और अगर उसमें वृद्धि नजर आती है तो एक विशेषज्ञ चिकित्सक से सर्जरी कराना बेहतर है।
एसजीपीजीआई में आयोजित इंडोक्राइन ट्यूमर समिट का दूसरा दिन थायरायड कैंसर पर समर्पित रहा। इस दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने थायरायड हार्मोन असंतुलन पर अपने शोध और अनुभव रखे।
श्रुति सभागार में समिट के अंतिम दिन प्रथम सत्र में सिंगापुर से आए डॉ. राजीव परमेश्वरन, श्रीलंका से आए डॉ. रनिल फर्नांडो, आयोजन सचिव डॉ. सुशील गुप्ता व डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. आशीष सिंहल ने थायरायड कैंसर मैनेजमेंट पर जानकारी दी। इस दौरान चिकित्सकों ने थायरायड सर्जरी को टालने को समझदारी से लिया जाने वाला फैसला बताया।