लखनऊ। केजीएमयू से बर्खास्त डॉक्टर ने अभी तक सीएमओ दफ्तर में बयान नहीं दर्ज कराए हैं। इससे जांच अधर में है। वहीं, अफसरों का कहना है कि डॉक्टर के खिलाफ राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) को पत्र भेजकर शिकायत की जाएगी। साथ ही डॉक्टर की निजी प्रैक्टिस भी बंद करवाई जाएगी।
लखीमपुरखीरी के महाराजनगर निवासी सुरेंद्र की पत्नी आशा कार्यकर्ता पूनम मौर्य (32) की नवंबर में केजीएमयू के शताब्दी अस्पताल फेज टू में मौत हो गई थी। सुरेंद्र के मुताबिक, पत्नी का इलाज केजीएमयू के ईएनटी विभाग के डॉ. रमेश कर रहे थे। निजी प्रैक्टिस में लिप्त डॉ. रमेश ने ही खदरा के केडी अस्पताल में 25 अक्तूबर को ऑपरेशन किया था।
आरोप है कि गलत ऑपरेशन करने से पत्नी की मौत हो गई थी। सीएमओ ने केडी अस्पताल का लाइसेंस निरस्त कर दिया। मदेयगंज पुलिस ने भी लापरवाही बरती। तीन माह बाद पुलिस ने संचालक को सीएमओ दफ्तर में पेश कर बयान दर्ज कराए। केजीएमयू से बर्खास्त डॉक्टर का अभी तक सुराग नहीं लगा है।