भविष्य में कानपुर रोड से शहीद पथ होते हुए आने वाली रिंग लाइन मेट्रो को नए हाईकोर्ट परिसर से जोड़ने वाली लाइन से मिलाया जाएगा।
राजधानी में नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक मेट्रो रूट का सर्वे करने आई दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की टीम को कुछ इसी दिशा में काम करने की सलाह लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने दी है।
डीएमआरसी की टीम ने रिंग लाइन मेट्रो और हाईकोर्ट परिसर क्षेत्र को भी देखा। टीम के सदस्य शनिवार को पुराने लखनऊ का सर्वे करेंगे।
डीएमआरसी की एक टीम अगले सप्ताह से स्थाई तौर पर ट्रैफिक और अन्य तरह की स्टडी के लिए लखनऊ में ही रुकेगी।
डीएमआरसी की ओर से महाप्रबंधक कंसल्टेंसी सर्विसेज अजय गर्ग और संयुक्त महाप्रबंधक आरजी शर्मा वैकल्पिक रूट्स के सर्वे के लिए शुक्रवार को राजधानी आए थे।
यहां उन्होंने एलएमआरसी के एमडी राजीव अग्रवाल और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि सबसे अधिक ध्यान रिंग लाइन मेट्रो रूट से हाईकोर्ट के नए परिसर को जोड़ने पर रखे।
अमौसी से मुंशी पुलिया तक आने वाले नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से न्यू हाईकोर्ट परिसर फैजाबाद को जोड़ा जाना लगभग तय है।
यह करीब सवा तीन किलोमीटर लंबा रूट होगा। दूसरी ओर कानपुर रोड से शहीद पथ होते हुए फैजाबाद रोड को छूने वाली रिंग लाइन मेट्रो को भी न्यू हाईकोर्ट परिसर से जोड़ा जाएगा।
ऐसे में शहर के दोनों ओर से हाईकोर्ट परिसर मेट्रो से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही टीम को आलमबाग को राजाजीपुरम और नक्खास चौराहे से
जोड़ने वाले मिल रोड रूट, सुभाष मार्ग रूट और विक्टोरिया स्ट्रीट रूट का सर्वे करने के लिए कहा गया है।