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दुर्गा मामले में अब क्या करेगा कार्मिक विभाग?

Fri, 02 Aug 2013 11:04 PM IST
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
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निलंबित आईएएस दुर्गाशक्ति नागपाल के बारे में गौतमबुद्धनगर के डीएम द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई रिपोर्ट शुक्रवार को नियुक्ति और कार्मिक विभाग पहुंच गई।
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फिलहाल विभाग इस रिपोर्ट की पड़ताल करेगा। इसके बाद ही नागपाल को चार्जशीट दी जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया में दो-तीन दिन लग सकते हैं। गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी कुमार रविकांत ने नागपाल के मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।

यह रिपोर्ट डीएम ने सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजी थी। गुरुवार को ही मुख्यमंत्री ने भी माना था कि रिपोर्ट आने की जानकारी उनके पास है।

रिपोर्ट में क्या है, इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं कहा। सीएम ऑफिस से रिपोर्ट मिलने के बाद अब पूरा दारोमदार नियुक्ति विभाग पर है।

हालांकि राजनैतिक और प्रशासनिक दबाव होने के कारण विभाग काफी सोच-समझ कर इस मामले में कोई कार्रवाई करेगा।

सवाल यह भी है कि अगर विभाग डीएम की रिपोर्ट को दरकिनार करता है तो क्या नागपाल को चार्जशीट देने के साथ ही क्या वह डीएम को भी तलब करेगा?

इसके अलावा सरकार को केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को भी जवाब देना है। लिहाजा डीएम की रिपोर्ट काफी अहम हो गई है।

मंत्रालय सरकार से डीएम की रिपोर्ट भी तलब कर सकता है। बहरहाल डीएम ने इस पूरे प्रकरण में नागपाल का बचाव करते हुए उन्हें पाक साफ करार दिया दिया है। हालांकि सरकार नागपाल को रियायत देने के मूड में नहीं है।

यह मामला अब उसके लिए सम्मान का विषय बन गया है और वह कठोर फैसले के जरिए नौकरशाही को भी संदेश देने के पक्ष में है।

असल में रिपोर्ट को लेकर सरकार पसोपेश में है। रिपोर्ट के मुताबिक कादलपुर गांव में किसी भी धार्मिक स्थल को तोड़ा नहीं गया और न ही किसी दीवार को गिराया गया।
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डीएम के आदेश के बाद एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल अपने सहयोगी अफसरों के साथ मौके पर गईं।

वहां कोई भी धार्मिक स्थल नहीं था, जिसे गिराया गया हो। स्थानीय लोग वहां पर हो रहे अवैध निर्माण के खिलाफ थे और उसे गिराना चाहते थे।

अवैध निर्माण को स्थानीय लोगों ने ही गिराया और इसे गिराने में किसी भी तरह की बड़ी और जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल नहीं किया गया।

इसके भी कोई सबूत नहीं हैं कि वहां पर कोई धार्मिक स्थल था।
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