कैथी मांझा के प्राथमिक विद्यालय में डीएम।
रुदौली/शुजागंज। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद डीएम शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने कैथी मांझा में विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की हकीकत परखी। डीएम ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को समाधान के निर्देश देते हुए लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
डीएम ने सबसे पहले पस्ता बरई बाढ़ कार्यखंड के कैंप कार्यालय का निरीक्षण कर राहत तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने रौनाही तटबंध से सरयू नदी तक जाने वाले जर्जर मार्ग की मरम्मत के निर्देश दिए। कैथी मांझा गांव में प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर डीएम ने बच्चों से मध्याह्न भोजन व पढ़ाई की जानकारी ली। बच्चों ने बताया कि उन्हें मैन्यू के अनुसार भोजन मिल रहा है। ग्रामीणों ने जर्जर विद्यालय भवन के स्थान पर नए भवन की मांग की, जिस पर जिलाधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था और बच्चों के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। ग्रामीणों ने सोलर लाइट, शौचालय, प्रधानमंत्री आवास, शुद्ध पेयजल व आवागमन की समस्याएं रखीं।
डीएम ने बीडीओ को पात्र परिवारों का सर्वे कर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालयों का पंजीकरण व पुलिया निर्माण के निर्देश भी दिए। नई सोलर लाइटें लगाने व बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित कराने को कहा। ग्रामीणों ने शुद्ध पेयजल व आवागमन की समस्याओं पर ध्यान देने को कहा। निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य टीम नियमित अंतराल पर गांव आती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ राहत, पेयजल व आवागमन की व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, सरयू नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए।