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डीएम राजशेखर बने एलडीए के कार्यवाहक वीसी

Thu, 04 Dec 2014 03:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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जिलाधिकारी राजशेखर ने बुधवार को एलडीए के कार्यवाहक उपाध्यक्ष का पद संभाल लिया। अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि इस पर हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार काम होगा।
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साथ ही उन्होंने भूमि अर्जन के फंसे हुए प्रकरणों को निपटा कर एलडीए का लैंडबैंक भी बढ़ाने की कोशिश करने का वादा किया। यह बात दीगर है कि शीशमहल क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ एक्शन लेने के सवाल पर वह चुप्पी साध गए।

राजशेखर को एलडीए वीसी का अतिरिक्त प्रभार शासन ने मंगलवार की शाम को सौंपा था। 21 दिन बीतने के बाद प्राधिकरण को उपाध्यक्ष मिला। उन्होंने बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे पदभार संभाला। इसके तुरंत बाद मीडिया से अपनी प्राथमिकताओं का खुलासा किया।
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उन्होंने कहा कि, उनका पहला दिन है। बहुत ही स्पेसेफिक मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे, मगर जो भी काम हाईकोर्ट और अन्य विधिक व्यवस्थाओं की ओर से निर्देशित हैं, उनका पालन किया जाएगा। शासकीय परियोजनाओं की प्रगति सुचारू तौर पर जारी रहेगी। इसके अलावा अवैध निर्माण पर भी सूचीबद्ध कार्रवाई की जाती रहेगी।
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अर्जन की समस्याओं को हल करेंगे

उन्होंने कहा कि अर्जन की समस्याओं का हल करना उनकी प्राथमिकता होगी किसी भी प्राधिकरण के लिए उसका लैंडबैंक एक बहुत ही अहम होता है। जहां-जहां भी अर्जन की परेशानियां बनी हुई हैं, वहां काम किया जाएगा।

प्राधिकरण की प्रबंध नगर और मोहान रोड आवासीय योजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। किसान आंदोलन और अन्य कारणों से अब तक भूमि पर कब्जा एलडीए को नहीं मिल सका है। ऐसे में परेशानियां बनी हुई हैं। डीएम राजशेखर के आश्वासन के बाद निश्चित तौर पर दोनों ही आवासीय योजनाओं के अमली जामा पहनने की उम्मीद बढ़ी है।

शीशमहल क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ मुख्य सचिव के सख्त आदेश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि, सपा के एक कद़्दावर एमएलसी के दबाव की वजह से कार्रवाई नहीं हो रही है।

इस एमएलसी का दबाव कितना राजशेखर सहेंगे, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, उनको इस विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। बतौर डीएम इस क्षेत्र में मुख्य सचिव के दौरे के समय वह साथ में थे, इसको लेकर उन्होंने कहा कि, वह जब डीएम की कुर्सी पर होंगे, तब इस बात का जवाब देंगे।

हाईकोर्ट में प्रेषित करने के लिए बनाई जा रही अवैध इमारतों की सूची को लेकर उन्होंने कहा कि, अदालती आदेश पर जो भी प्रक्रिया चलाई जा रही है, वह अपनी रफ्तार में चलती रहेगी। मगर एक एक अवैध इमारत के संबंध में कोई टिप्पणी कर पाना संभव नहीं होगा। इसके लिए अभी कुछ समय एलडीए में बिताने की आवश्यकता होगी।
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