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डीएम ने कृष्ण कुमार से पूछा, क्या ऐसा था आपका टाइपराइटर?

Sun, 20 Sep 2015 02:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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टाइपराइटर की पैकिंग खोलते हुए डीएम राजशेखर ने कृष्ण कुमार से पूछा, आपका टाइपराइटर ऐसा ही था? इस पर कृष्ण कुमार ने सिर हिलाकर हामी भरी। इसके बाद दोनों आला अफसरों ने बुजुर्ग को टाइपराइटर सौंप दिया।
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डीएम ने पूछा, टाइपराइटर से रोजाना आप कितना कमा लेते हैं। कृष्ण कुमार ने बताया कि 50 से 100 रुपये रोज मिल जाते हैं। बुधवार को काम ज्यादा मिलने से आमदनी भी ज्यादा हो जाती है।

डीएम ने कृष्ण कुमार से पूछा-मेरी गाड़ी का नंबर जानते हो। उन्होंने कहा -जी 5000 है न। इस पर डीएम ने पूछा- मेरा मोबाइल नंबर क्या है? कृष्ण कुमार के मना करने पर डीएम ने कहा कि मेरे मोबाइल नंबर के अंत में भी 5000 है।
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जरूरत पड़ने पर बेहिचक कॉल कर लेना। एसएसपी ने पूछा-मेरा बंगला जानते हो? कृष्ण कुमार ने हां में जवाब दिया। इस पर एसएसपी ने कहा कि कोई समस्या आने पर सीधे बंगले चले आना।
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पहली बार आए हैं पानी पीकर जाइए

इस दौरान डीएम-एसएसपी के कृष्ण कुमार के घर पर आने की खबर पाकर मोहल्ले के लोग वहां एकत्र होने लगे।

डीएम और एसएसपी ने कृष्ण कुमार से विदा चाही तो उन्होंने रोक लिया। बोले, पहली बार आए हैं। पानी पीकर जाइए। इस दौरान कृष्ण कुमार की पत्नी उमा और बेटा निखिल भी वहां थे।

कृष्ण कुमार ने बताया कि निखिल छोटी सी परचून की दुकान चलाता है। उमा ने सीएम के मामला संज्ञान में लेने और पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर संतोष जताया है।

बता दें कि जीपीओ के फुटपाथ पर टाइपराइटर से रोजी-रोटी कमाने वाले 65 साल के कृष्ण कुमार शनिवार को दरोगा की बदसुलूकी का शिकार हो गए थे।

लखनऊ के दरोगा ने कृष्ण कुमार का टाइपराइटर तोड़ दिया और अभद्रता की। ये खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और प्रसाशन को खबर लगी तो तुरंत इस पर एक्शन हुआ। शाम को सीएम अखिलेश के आदेश पर दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया और डीएम ने खुद उनके घर जाकर उन्हें टाइपराइटर दिया।

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