परिवहन विभाग का मामला
नई कपनी नहीं सभाल पा रही काम, बढ़ीं मुश्किलें
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस की प्रिंटिंग व डिलीवरी में देरी हो रही है। इससे आवदेको को परेशानियां उठानी पड़ रही है। आम दिनों में डीएल हफ्तेभर के अंदर मिल जाता है। नई कंपनी ने डीएल सबंधी कामकाज सभाला है, जिसके बाद से मुश्किलें बढ़ गई है। परिवहन विभाग मुख्यालय में आवेदको की शिकायते पहुंच रही है।
उदयगंज निवासी विमल यादव ने दो दिसंबर को ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिया था। उनके मोबाइल पर डीएल अप्रूव्ड का मैसज भी आ गया था। लेकिन इतने दिन बाद भी उन्हें डीएल डिलीवर न ही हो सका है। ऐसे ही मनीष आशियाना निवासी है। वह भी दो हफ्तों से डीएल का इंतजार कर रहे है। लेकिन डीएल का कहीं अता-पता नहीं है। तमाम आवेदक ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ पहुंच रहे हैं. जिन्हें शिकायत दर्ज कराने के लिए परिवहन विभाग मुख्यालय भेजा जा रहा है। मनीष ने बताया कि मुख्यालय में शिकायत पर मालूम हुआ कि डीएल डिस्पैच ही नहीं हुआ है। डीएल के आवेदन की स्कूटनिग से लेकर डिस्पैच तक का काम पहले स्मार्ट चिप कंपनी देख रही थी, लेकिन अब यह जिम्मेदारी सिल्वर टच लिमिटेड को दिया गया है। यह कंपनी कामकाज को पूरी तरह संभाल नहीं पाई है। इसके चलते अकेले लखनऊ में 410 आवेदकों को डीएल डिलीवर नहीं हो पाए हैं। यही समस्या लखनऊ संभाग के अन्य जिलों में बनी हुई है। डीएल अप्रूवल के बाद उसे परिवहन विभाग मुख्यालय भेजा जाता है, जहां से स्मार्ट कार्ड में डाटा क्लाउड पर अपलोड किया जाता है। इसको की-मैनेजमेंट सिस्टम (केएमएस) कहते है। केएमएस नहीं होने के कारण ही डीएल प्रिटिंग व डिलीवरी फसी है। इसमें कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है। मामले को लेकर अपर परिवहन आयुक्त, आईटी सुनीता वर्मा ने कहाकि कार्यदायी संस्था के सुपरवाइजरों को फटकार लगाई गई है। आवेदकों के डीएल जल्द प्रिंट कर डिलीवर करने को कहा गया है।