लखनऊ। श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में असम से आई शहीदी यात्रा के स्वागत के लिए बुधवार को आलमबाग गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाया गया। यहां शबद कीर्तन व कथा का आयोजन किया गया।
यहियागंज गुरुद्वारे में श्रद्धालुओं ने यात्रा में शामिल सिख गुरुओं श्री गोविंद सिंह साहिब, गुरु तेग बहादुर साहिब और गुरु हरगोबिंद साहिब के शस्त्रों के दर्शन किए। गुरुद्वारा सचिव मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि यहियागंज गुरुद्वारे में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा बुधवार सुबह नौ बजे आलमबाग गुरुद्वारे में आयोजित समागम में पहुंची।
अमृतसर दरबार साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह ने गुरु तेग बहादुर साहिब के शहीदी पर्व और यात्रा के बारे में बताया। गुरुद्वारा यहियागंज में शाम को डॉ. गुरमीत सिंह के संयोजन में विशेष दीवान सजाया गया। जगतार सिंह ने शबद कीर्तन से निहाल किया। ज्ञानी परमजीत सिंह जी ने मुख्य सेवादारों को गुरु घर का सत्कार शॉल और सिरोपा भेंट किया। मनमोहन सिंह हैप्पी ने बताया कि बुधवार को गुरुद्वारा साहिब में सुबह चार से दस बजे तक विशेष दीवान सजेगा। दस बजे शहीदी यात्रा सीतापुर के लिए रवाना होगी।
यहियागंज गुरुद्वारे में आयोजन के दौरान शाम को कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी पहुंचे। उन्होंने सिख गुरुओं की निशानियों को देखा। इसके साथ ही दरबार में माथा भी टेका। उन्होंने शबद कीर्तन का रसपान भी किया। इस दौरान भारी संख्या में श्रद्धाल़ु गुरुद्वारे में थे। उन्होंने लंगर भी छका।
असम से लखनऊ पहुंची शहीदी यात्रा के लिए यहियागंज गुरुद्वारा में बुधवार को कीर्तन हुआ।
असम से लखनऊ पहुंची शहीदी यात्रा के लिए यहियागंज गुरुद्वारा में बुधवार को कीर्तन हुआ।
असम से लखनऊ पहुंची शहीदी यात्रा के लिए यहियागंज गुरुद्वारा में बुधवार को कीर्तन हुआ।