प्रदेश सरकार ने मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने के लिए रिश्वत मांग रहे औरैया के जिला विद्यालय निरीक्षक हृदय नारायण त्रिपाठी और डीआईओएस दफ्तर के लिपिक संतोष बाबू को निलंबित किया है।
सोशल मीडिया पर त्रिपाठी और संतोष का रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद सरकार ने दोनों को निलंबित करने करते हुए उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो की जांच में सामने आया कि जिला विद्यालय निरीक्षक हृदय नारायण और लिपिक संतोष बाबू विभाग के कर्मचारी स्वर्गीय अमर सिंह यादव के पुत्र सुशील कुमार को मृतक आश्रित कोटे में नियुक्ति देने के बदले कभी 10 लाख, कभी 7 लाख तथा तो कभी 3 लाख रूपये की रिश्वत की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि ऑडियो क्लिप का संज्ञान लेते शासन ने कानपुर मडल के मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक के.के. गुप्ता को जांच करने के निर्देश दिए। जांच समिति में औरैया के उप जिला मजिस्ट्रेट को भी शामिल किया गया। जांच समिति ने डीआईओसएस दफ्तर जाकर मामले की जांच की । सुशील कुमार के भी बयान लिए गए। जांच में डीआईओएस हृदय नारायण त्रिपाठी ने स्वीकार किया है कि वायरल ऑडियो क्लिप उनके और सुशील के बीच हुई बातचीत का है। जांच रिपोर्ट पर शासन ने हृदय नारायण त्रिपाठी और संतोष बाबू को निलंबित किया है।