फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैदियों के लिए रायबरेली जिला कारागार बनी ऐशोआराम का अड्डा, छापे में खुली पोल, चाकू-मोबाइल बरामद

Thu, 04 Jul 2019 09:16 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
जिला कारागार रायबरेली - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
जिला कारागार ऐशोआराम का अड्डा बन गया है। गुरुवार शाम डीएम नेहा शर्मा और एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा तो सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। जेल के अंदर से न सिर्फ मोबाइल, सिम कार्ड बरामद किए गए, बल्कि गांजा, सिगरेट-बीड़ी और लाइटर से बने चार चाकू तक बरामद किए गए। यह देख डीएम-एसपी के भी सकते में आ गए। इस बारे में जब जेल अफसरों से बात की गई तो वे उसका संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। अफसरों ने इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी है।
विज्ञापन


डीएम और एसपी ने भारी फोर्स के साथ बृहस्पतिवार देर शाम अचानक जेल में छापा मारा। छापा पड़ते ही जेल में हड़कंप मच गया। एक-एक करके सभी बंदियों और बैरकों की तलाशी ली गई। लालगंज में हाईवे पर टोल प्लाजा में मारपीट करने के मामले में जेल में बंद बंदी प्रताप सिंह के पास से मोबाइल बरामद हुआ। 

बताते हैं कि प्रताप मोबाइल से बातचीत कर रहा था। इसके अलावा एक सिम भी बरामद किया गया। बीड़ी-सिगरेट के 10 पाउच, भारी मात्रा में गांजा, लाइटर और लाइटर से बने चार चाकू भी बरामद किए गए। कुछ नकदी भी बरामद की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

छापेमारी में गांजा, सिगरेट, मोबाइल आदि मिलने से जाहिर है कि जिला कारागार ऐशोआराम का अड्डा बन गाय है। सुरक्षा व्यवस्था मजाक बन गई है। सेटिंग-गेटिंग के चक्कर में जेल व्यवस्था को ताक पर रख दिया गया है। आए दिन जेल के अंदर से वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। बावजूद इसके जेल की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए अफसर व कर्मचारी सिर्फ ड्यूटी बजा रहे हैं। डीएम-एसपी ने निरीक्षण के बाद उच्च अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेज दी।

वीडियो हुआ था वायरल हो चुकी कार्रवाई, पर नहीं सुधरी व्यवस्था
जेल का सिस्टम इस कदर फेल हो गया है कि आए दिन किसी न किसी मामले को लेकर सवाल उठ हे हैं। जून माह में जेल के अंदर बंदियों के उठक-बैठक लगवाने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले की जांच अभी चल ही रही थी कि डीएम-एसपी की छापेमारी में मोबाइल, गांजा समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। 

गौरतलब है कि 20 जून को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराया गया था। इस मामले में जेल में तैनात डिप्टी जेलर राजेश कुमार का शाहजहांपुर और डिप्टी जेलर राकेश वर्मा का तबादला रामपुर कर दिया गया है। साथ ही उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव को लखनऊ जेल भेज दिया गया है। बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई चौकसी नहीं बरती जा रही है।

जेल के छापे के दौैरान बंदी प्रताप सिंह के पास से एक मोबाइल मिला है। साथ ही एक सिम, सिगरेट, गांजा के अलावा लाइटर और लाइटर से बने चार चाकू मिले हैं। सभी सामान को जब्त कर लिया गया है और इससे उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। जेल अफसरों से सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहने के लिए कहा गया है।
-सुनील कुमार सिंह, एसपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें