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एचडीएफसी को लखनऊ की शाखाएं बंद कराने की चेतावनी, आठ अन्य बैंकों को नोटिस

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लखनऊ। प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि योजना में लापरवाह बैंकों की गुरुवार को जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने जमकर क्लास लगाई। उन्होंने बैठक से गायब यस बैंक, कोटक महिंद्रा, नैनीताल बैंक, कर्नाटक बैंक, बंधन बैंक व जम्मू एंड कश्मीर बैंक के प्रतिनिधियों कारण बताओ नोटिस जारी किया। वहीं एचडीएफसी बैंक में लंबित 2100 अधिक प्रार्थना पत्रों के निस्तारण को लेकर संतोषजनक जवाब न देने पर बैंक के प्रतिनिधि को चेतावनी दी कि योजना के तहत लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई तो बैंक की लखनऊ स्थित सभी शाखाओं को बंद करा देंगे। जिलाधिकारी गुरुवार को पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत गठित अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
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समीक्षा में सामने आया कि बैंकों की लापरवाही से इस योजना में अब तक मात्र 29 फीसदी लक्ष्य ही पूरा हो पाने से प्रदेश में लखनऊ 65वें स्थान पर है। जिले में योजना के तहत 73,103 लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य था। इसके तहत 39,508 प्रार्थना पत्र पीएम स्वनिधि पोर्टल पर सत्यापन के बाद अपलोड हैं, जबकि बैंकों ने अब तक मात्र 23,390 प्रार्थना पत्र स्वीकृत कर इनमें से 20,460 आवेदकों को ही 10 हजार का ऋण दिया है। यह लक्ष्य का मात्र 29 प्रतिशत ही है। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक तथा सेंट्रल बैंक की प्रगति अत्यंत खराब मिली है।
बैठक में सामने आया कि कुछ बैंकों की शाखाओं ने मार्केट प्लेस से प्रार्थना पत्र ही ऋण स्वीकृति के लिए नहीं लिए। 6,486 प्रार्थना पत्र ऐसे भी मिले जिन पर अभी तक कार्रवाई ही शुरू नहीं हुई। डीएम ने बैंकर्स को सभी आवेदन पत्रों तत्काल निस्तारित करने व पोर्टल पर उपलब्ध प्रार्थनापत्रों पर तीन दिन स्वीकृति देकर ऋण वितरण न करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। एसबीआई की स्थिति काफी खराब मिलने पर बैंक के सीजीएम को सीधे पत्र भेजकर सरकार की स्कीम की अनदेखी पर कार्रवाई को कहा गया। इंडियन बैंक की प्रतिनिधि ने बताया कि उनकी बैंक शाखाओं ने ऋण वितरित को किए हैं, लेकिन क्यूआर कोड पोर्टल पर अपलोड न होने से इसकी इसकी प्रगति नहीं दिख रहीं है। इस पर बैंकों के क्षेत्रीय कार्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए।
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क्रेडिट रिकॉर्ड सही नहीं, कैसे दें ऋण
अधिशासी अधिकारी मलिहाबाद एवं काकोरी ने बताया कि बैंक अधिकारी कोई न कोई कारण बताकर लाभार्थियों को लोन देने से मना कर देते हैं। आवेदकों से कहा जाता है कि उनका क्रेडिट रिकॉर्ड सही नहीं है। नगर पंचायतों में बीकेटी को छोड़ अन्य की स्थिति खराब मिली।
नियमित निगरानी के लिए कोर टीम गठित
योजना से जुड़े आवेदनों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए अब नियमित समीक्षा होगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन एवं अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक की कोर टीम गठित की है। यह टीम प्रतिदिन योजना की समीक्षा कर लापरवाहों पर कार्रवाई की संस्तुति करेगी।
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