प्राइमरी की कक्षा एक से पांच तक की ऑफलाइन कक्षाएं शुरू होने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाएं बंद नहीं होगी। अभिभावकों की सहमति के बाद ही बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा।
स्कूलों के अनुसार पहले कुछ दिन बच्चों को कोविड प्रोटोकॉल से अभ्यस्त कराने के लिए एक्टिविटी बेस्ड कार्य कराए जाएंगे।
अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि शासन व संगठन की तरफ से जारी एसओपी के अनुसार बच्चों को बुलाए जाने के निर्देश हैं।
तीन घंटे बिना लंच ब्रेक के ऑफलाइन क्लास होगी। एक साधारण क्लास में सिंगल बेंच पर एक-एक बच्चे बैठेंगे और अधिकतम 20 से ज्यादा बच्चे नहीं होंगे।
अधिकांश स्कूल कुछ दिनों तक बच्चों पर पढ़ाने का दबाव नहीं डालेंगे, खासकर कक्षा एक से तीन तक। कुछ दिनों तक एक्टिविटी बेस्ड गेम होंगे।
50 फीसदी अभिभावकों ने दी सहमति
अधिकांश स्कूलों का दावा है कि प्राइमरी कक्षाओं के लिए 50 फीसदी तक अभिभावकों की सहमति प्राप्त हो गई है। सेंट जोसेफ के एमडी अनिल अग्रवाल ने बताया कि अब तक 71 प्रतिशत तक अभिभावकों की सहमति मिल गई है। एक शाखा में 57 फीसदी सहमति प्राप्त हुई है। पहले दिन को छोड़कर अगले 10 दिन कक्षा तीन से पांच के छात्रों को बुलाया जाएगा। इस बीच कक्षा एक से दो बच्चों को कोविड प्रोटोकॉल के तहत महज उठना-बैठना सिखाया जाएगा। अवध कॉलेजिएट के संस्थापक सर्वजीत सिंह ने बताया कि कक्षा चार और पांच के लिए 70 फीसदी से ज्यादा सहमति मिल चुकी है। जबकि कक्षा एक से तीन के लिए 50 फीसदी अभिभावकों ने हामी भरी है। उन्होंने बताया कि एक बार में दो-दो कक्षा के बच्चों को ही बुलाया जाएगा। कुछ दिन केवल एक्टिविटी ही कराई जाएगी। सीपी सिंह फाउंडेशन के लखनऊ पब्लिक कॉलेज के प्रवक्ता जितेंद्र ने बताया कि 50 फीसदी तक अभिभावक सहमति दे चुके हैं। तीन-तीन घंटे के दो शिफ्ट में कक्षाएं चलाई जाएंगी। सीएमएस के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया कि सभी शाखाओं की बात करें तो 40 से 55 फीसदी अभिभावकों की सहमति मिल चुकी है। छोटे बच्चों को कुछ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना सिखाया जाएगा। इनके अलावा डीपीएस जानकीपुरम, डीपीएस इंदिरा नगर, डीपीएस एल्डिको, लखनऊ पब्लिक कॉलेज ने भी औसतन 40 फीसदी से ज्यादा सहमति मिलने का दावा किया है।
जबरन सहमति लिए जाने की शिकायत
कई अभिभावकों ने स्कूलों पर जबरन सहमति मांगने की भी शिकायत की है। अभिभावकों के अनुसार यदि वे सहमति पत्र में न लिखते हैं तो स्कूल में बुलाकर उसे हां में बदलने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, कक्षा छह से आठ तक के कई बच्चों के अभिभावकों ने स्कूलों पर ऑफलाइन कक्षाएं अटेंड करने का दबाव बनाए जाने की शिकायत की है। अभिभावकों ने बताया कि पहले तो कुछ दिन ऑनलाइन पढ़ाई कराई, लेकिन अब ऑनलाइन कक्षा बंद करने का निर्देश देते हुए ऑफलाइन अटेंड करने का दबाव बनाया जा रहा है। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों को जारी एसओपी के अनुसार पढ़ाई कराने के निर्देश दिए हैं। शिकायत आने पर जवाब मांगा जाएगा।
स्कूल संगठन द्वारा जारी एसओपी
- साधारण कक्षा में अधिकतम 20 से ज्यादा बच्चे नहीं बैठाए जाएंगे।
- तीन घंटे की बिना लंच ब्रेक की क्लास लगेंगी। बच्चे ज्यादा तो दो शिफ्ट में चलेगी क्लास।
- कुछ दिन एक्टिविटी बेस्ड कार्य कराएं। छात्रों को कोविड प्रोटोकॉल के बारे में व उसका पालन करने की जानकारी दें।
- बच्चों को लाइन बनाकर प्रवेश कराएं व बाहर निकालें। सैनिटाइज से लेकर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग करें।
- ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन क्लास भी चलाएं।
- स्वस्थ बच्चे को ही विद्यालय बुलाएं, सर्दी, जुकाम या खांसी हो तो घर पर रहने का ही निर्देश दें।