लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने माैके पर पहुंचकर किया प्रदर्शन।
मलिहाबाद। क्षेत्र के कसमंडी कलां में बृहस्पतिवार को दो पुराने ढांचों को लेकर विवाद गरमा गया। लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने इन ढांचों को महाराजा कंसा पासी का स्मारक बताया। उन्होंने पास में बनी मस्जिद और मकबरे को शिव मंदिर होने का दावा किया।
इससे पहले बुधवार को सूरज पासी ने कार्यकर्ताओं संग प्रदर्शन किया था। उनका आरोप है कि 11वीं सदी के महाराजा राजपसी कंसा का किला और शिव मंदिर मकबरे में बदल दिए गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो भी डाली है। पासी ने प्रशासन से मस्जिद में नमाज रोकने की मांग करते हुए जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पूर्वजों की विरासत पर कब्जा नहीं रुका तो 27 तारीख को अनिश्चितकालीन धरना देंगे। लाखन आर्मी का दावा है कि ढांचे की दीवारों पर फूल, नाग और कलश की आकृतियां हैं, जो इस्लामी परंपरा में नहीं होतीं। इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि स्थिति सामान्य है। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस नजर रख रही है।
मुस्लिम पक्ष और ग्रामीणों का पक्ष
गांव के मुस्लिम पक्ष ने स्थल पर तोड़फोड़ और धार्मिक स्थल में चप्पल पहनकर घुसने का आरोप लगाया। उन्होंने थाने में तहरीर दी है। ग्रामीणों ने बताया कि यह जमीन वक्फ बोर्ड में दर्ज कब्रिस्तान की रजिस्टर्ड भूमि है। जमीन पर एसडीएम की तरफ से कब्रिस्तान का बोर्ड लगवाया गया था। यहां सैकड़ों वर्ष पुरानी कब्रें और एक मस्जिद है, जिसमें शिया और सुन्नी दोनों नमाज पढ़ते हैं।
लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने माैके पर पहुंचकर किया प्रदर्शन।
लाखन आर्मी के कार्यकर्ताओं ने माैके पर पहुंचकर किया प्रदर्शन।