लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में इस साल से स्नातक में लागू की गई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (एनईपी) को लेकर खामियां दूर होती नहीं दिख रही हैं। विवि में बीएससी-बीकॉम को-कॅरिकुलर कोर्स में पेपर बदलने का मामला शांत नहीं हुआ कि मंगलवार की परीक्षा में संबद्ध चार जिलों में बीए का पेपर बदल दिया गया। इसे लेकर छात्रों ने हंगामा भी किया, लेकिन अंत में उन्हें बदला हुआ पेपर ही हल करना पड़ा। हालांकि विवि प्रशासन ने पेपर बदलने से इन्कार किया है।
विश्वविद्यालय से इस साल से संबद्ध चार जिलों रायबरेली, लखीमपुर खीरी, हरदोई व सीतापुर में बीए पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों का एक विषय ड्राइंग एंड पेंटिंग का था। इसका पहला पेपर विद्यार्थियों ने फंडामेंटल्स ऑफ विजुअल आर्ट्स का पढ़ा था। उनके प्रवेश पत्र में भी इसी का उल्लेख था, लेकिन मंगलवार सुबह की पहली पाली में आयोजित परीक्षा में छात्रों को फंडामेंटल्स ऑफ विजुअल आर्ट्स की जगह हिस्ट्री ऑफ आर्ट का पेपर दे दिया गया।
जब विद्यार्थियों ने पेपर देखा तो हंगामा शुरू कर दिया। कॉलेजों ने इसके लिए विवि प्रशासन से संपर्क किया तो विवि ने इसमें फिलहाल किसी बदलाव से इन्कार कर दिया। इसके बाद छात्रों को मजबूरी में हिस्ट्री ऑफ आर्ट्स का ही पेपर हल करना पड़ा। शिक्षकों ने कहा कि इसमें कुछ सवाल विद्यार्थियों ने जो पढ़ा था, उससे मिलता जुलता था। बाकी अलग था, लेकिन उनके सामने कोई विकल्प नहीं था। मजबूरी में उसी पेपर की परीक्षा आयोजित करनी पड़ी। लविवि के परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी ने कहा कि कॉलेजों में सही पेपर वितरित किया गया है। कहीं से कोई शिकायत पेपर बदलने की नहीं मिली है। अगर किसी को किसी तरह की असुविधा हुई है तो इसे दिखवाया जाएगा।