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Lucknow News: भवन मानचित्र पास करने में लिए जाने वाले जल मूल्य पर एलडीए और जलकल में विवाद

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एलडीए।
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लखनऊ। भवनों के मानचित्र पास करने के बदले एलडीए की ओर से लिए जाने वाले शुल्क के साथ जल मूल्य भी लेने को महापौर ने अवैध बताया है। उनका कहना है कि एलडीए ऐसा नहीं कर सकता। जल मूल्य शहर में पेयजल की आपूर्ति करने वाला जलकल विभाग ही ले सकता है। ऐसे में उसे वापस किया जाए। इसे लेकर महापौर ने एलडीए वीसी को पत्र भी लिखा है।
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महापौर सुषमा खर्कवाल का कहना है कि शहर में पेयजल की आपूर्ति जलकल विभाग करता है। उसके लिए जो व्यवस्थाएं हैं, उनका रखरखाव खर्च भी विभाग ही उठाता है तो फिर एलडीए पूरे शहर में भवनों के मानचित्र पास करने पर जल मूल्य कैसे वसूल सकता है। एलडीए सिर्फ उन्हीं कॉलोनियों में ही यह शुल्क वसूल सकता है, जहां पेयजल आपूर्ति उसकी है और वही उसका रखरखाव करता है।
इसके साथ ही, उन्होंने वसूले गए जल मूल्य को जलकल विभाग को लौटाने की मांग भी की है। इसके लिए उन्होंने 24 अगस्त 1996 को जारी शासनादेश का हवाला भी दिया है, जिसमें यह कहा गया है कि जलकल विभाग के क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए जल मूल्य जलकल विभाग ही वसूलेगा और यदि किसी अन्य विभाग ने वसूला है तो वह उसे जलकल विभाग को वापस करेगा।
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50 रुपये मीटर वसूल जाता है शुल्क
भवन मानचित्र पास कराने पर एलडीए 50 रुपये मीटर के हिसाब से जल मूल्य लेता है। ऐसे में यदि 100 मीटर का प्लाॅट है तो पांच हजार रुपये जल मूल्य बनता है। हर साल एलडीए में छोटे-बड़े मिलाकर करीब दो हजार से अधिक भवन मानचित्र पास होते हैं। जानकारों का अनुमान है कि जल मूल्य के रूप में एलडीए हर साल कई करोड़ रुपये की आय करता है।
...यह भी है चर्चा
महापौर की ओर से जल मूल्य के मसले पर पत्र लिखे जाने को लेकर यह एलडीए पर पलटवार भी माना जा रहा है, क्योंकि करीब छह महीने से एलडीए नगर निगम से भवन मानचित्र पास करने पर एनओसी नहीं लेता है। एलडीए ने यह व्यवस्था इस आधार पर बदल दी कि जो शहर के इलाके हैं, उनके रिकाॅर्ड नगर निगम के पास नहीं है और उसकी रिपोर्ट एलडीए से ही वह मांगता है। उसके बाद भी कई-कई महीने मानचित्र अटकाए रखे जाते हैं। व्यवस्था बदलने के बाद नगर निगम को अनापत्ति देने पर मिलने वाले शुल्क से जो आय होती थी, वह समाप्त हो गई है। हर साल नगर निगम करीब 20 करोड़ रुपये की आय इस मद में करता था, जो बंद हो गई। इस पर महापौर ने नाराजगी भी जताई थी। ऐसे में अब इस पत्र को उसके पलटवार के रूप में देखा जा रहा है।
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Iजल मूल्य के मसले पर महापौर के पत्र पर विचार किया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।I
I- प्रथमेश कुमार, वीसी एलडीएI
Iअभी मानचित्र पास करने पर जल मूल्य एलडीए ही ले रहा है, जबकि यह जलकल विभाग को मिलना चाहिए।I
I- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक, जलकल विभागI
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