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Lucknow News: नाराज पार्षदों ने महापाैर से की मुलाकात, नहीं बनी बात

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लखनऊ। शहर के छह वार्डों में सफाई व्यवस्था लखनऊ स्वच्छता अभियान (एलएसए) को सौंपे जाने के फैसले का पार्षदों का विरोध जारी है। बृहस्पतिवार को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष सुशील तिवारी पम्मी की पहल पर मेयर सुषमा खर्कवाल और नाराज पार्षदों के बीच बैठक हुई। हालांकि, बैठक में भी सहमति नहीं बन सकी। अब पार्षदों की नाराजगी दूर करने की जिम्मेदारी नगर आयुक्त गौरव कुमार को सौंपी गई है।
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भाजपा के पांच और सपा के एक पार्षद ने मेयर के सामने अपने-अपने वार्ड में पहले से सफाई कर रही कार्यदायी संस्था के काम को संतोषजनक बताया। पार्षदों का कहना था कि यदि एलएसए दूसरे वार्डों में अपेक्षित सफाई नहीं कर पा रही है तो उनके वार्ड में भी इसे जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। उन्होंने मौजूदा संस्था को ही काम जारी रखने की मांग की।
दरअसल, कुछ दिन पहले प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना और मेयर ने छह वार्डों का निरीक्षण किया था। नगर निगम के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इसके बाद इन वार्डों की सफाई व्यवस्था एलएसए को सौंपने का निर्णय लिया गया। इसका विरोध करते हुए पार्षदों ने मेयर, भाजपा विधायकों और संगठन को पत्र भेजे थे।
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पत्र में भाजपा पार्षद कौशल शंकर पांडेय, मुसव्विर अली, हरीश चंद्र, प्रियंका बाजपेई और अवधेश त्रिपाठी व सपा पार्षद नदीम खान ने कहा कि अयोध्या दास प्रथम, अयोध्या दास द्वितीय, फैजुल्लागंज द्वितीय, गोमतीनगर, महानगर और कदम रसूल वार्ड में औचक निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था ठीक मिली थी। पार्षदों का दावा है कि स्थानीय लोग मौजूदा संस्था के काम से संतुष्ट हैं। ऐसे में एजेंसी बदलने का कोई औचित्य नहीं है।
सदन के प्रस्ताव का हवाला
पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम सदन में पहले ही प्रस्ताव पारित हो चुका है कि क्षेत्रीय पार्षद की सहमति के बिना वार्ड की सफाई संस्था नहीं बदली जाएगी। इसके बावजूद एजेंसी बदलने का निर्णय लिया गया। कार्यकारिणी उपाध्यक्ष से मुलाकात में पार्षदों ने कहा कि बिना सहमति लिया गया फैसला वार्ड की जनता के साथ अन्याय है।
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