लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षक संघ का चुनाव काफी जोरदार होने का अनुमान है। विवि में सोमवार को आयोजित हुई आम सभा की बैठक में भावी कार्यकारिणी के लिए सभी शिक्षक जमा हुए थे लेकिन इसमें भावी से पहले वर्तमान अध्यक्ष पद पर तीखी बहस और नोकझोंक हुई।
शिक्षकों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद फिजिक्स विभाग के प्रो. राजीव मनोहर को चुनाव अधिकारी नियुक्त करके चुनाव आयोजन की जिम्मेदारी दी गई है।
लविवि शिक्षक संघ का कार्यकाल दो साल का होता है। पिछले सप्ताह छह फरवरी को इसका कार्यकाल पूरा हो गया है। लविवि शिक्षक संघ में इस समय अध्यक्ष पद को लेकर काफी खींचतान है।
अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़कर जीतने वाले डॉ. नीरज जैन इस समय सत्र लाभ पर हैं। इसको आधार बनाते हुए लूटा कार्यकारिणी ने उपाध्यक्ष डॉ. अयाज अहमद इस्लाही को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है।
वहीं, डॉ. नीरज जैन का कहना है कि वे अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए हैं इसलिए उनका कार्यकाल पूरे साल रहेगा। लविवि शिक्षक संघ रजिस्ट्रार सोसाइटी से संचालित होता है न कि लविवि के संविधान से।
इसको लेकर दोनों पक्षों में खूब बहस हुई। बैठक में यह बात भी उठी कि कार्यकारिणी को अपने फैसले साधारण सभा से पास कराने होते हैं, ऐसा न करने पर वे मान्य नहीं होते हैं।
इस मामले में ऐसा नहीं किया गया है। कॉमर्स विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश त्रिपाठी ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि वे अपना अध्यक्ष आज भी डॉ. नीरज जैन को मानते हैं।
भले ही कार्यकारिणी ने किसी दूसरे को यह जिम्मेदारी दे दी है। इसके बाद डॉ. इस्लाही और डॉ. जैन के बीच बातचीत काफी बढ़ गई तथा शिक्षकों को बीच-बचाव करना पड़ा।
आखिर में यह सहमति बनी कि वर्तमान को छोड़कर अब भावी अध्यक्ष पद पर चर्चा होनी चाहिए। इसके बाद प्रो. राजीव मनोहर को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जल्द होंगे चुनाव
प्रो. राजीव मनोहर ने कहा कि चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए वे प्रयास करेंगे कि जल्द से जल्द चुनाव हो जाएं। वोटर लिस्ट आदि का काम पूरा होने के बाद वे पूरा कार्यक्रम जारी कर देंगे।