बिजली कंपनियों की वसूली और लाभ बढ़ाने पर चर्चा
लखनऊ। प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था में बिजली कंपनियों की पूरी वसूली और आंतरिक लाभ कैसे बढ़े, इस विषय पर बिजली कंपनियों में कॉस्ट अकाउंटेंट की भूमिका पर चर्चा हुई। विषय विशेषज्ञों ने कंपनी के आंतरिक ऑडिट के तरीके बताए।
गोमतीनगर स्थित सीएमए भवन में हुई कॉस्ट अकाउंटेंटस ऑफ इंडिया की संगोष्ठी में मुख्य रूप से बिजली कंपनियों में कॉस्ट अकाउंटेंट की भूमिका पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता व कर और प्रबंध सलाहकार सीएमए सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि कंपनी एक्ट के तहत कंपनियों का इंटरनल ऑडिट अनिवार्य है, लिहाजा समय-समय पर कंपनियां आंतरिक ऑडिट करवाती हैं, जिसमें कॉस्ट अकाउंटेंट बड़ी भूमिका निभाते हैं। संगोष्ठी में मानकपूर्ण ऑडिट के तरीके बताए गए, जिससे सीएमए पेशेवर बिजली कंपनियों के मूल आंतरिक ढांचे को समझ सकें। लखनऊ चैप्टर अध्यक्ष सीएमए रंजीत सिंह ने बताया कि आज जो बिजली कंपनियों को वित्तीय घाटा उठाना पड़ रहा है, उसमें ग्रामीण क्षेत्रों से वित्तीय वसूली न हो पाना एक बड़ा कारण है।