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Lucknow News: मिश्रिख के अटवा गांव में होती रही एनकाउंटर की चर्चा

Fri, 08 Aug 2025 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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शूटर संजय की फाइल फोटो।
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मिश्रिख (सीतापुर)। संजय तिवारी उर्फ अकील और राजू तिवारी उर्फ रिजवान के एनकाउंटर की खबर बृहस्पतिवार सुबह अटवा गांव पहुंची तो वहां सन्नाटा पसर गया। इसी गांव में दोनों शूटरों का बचपन बीता। हालांकि ग्रामीणों ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए संजय तिवारी व राजू की मां नाजिमा बाई ने अपना घर 25 साल पहले ही गांव के पुत्तीलाल को बेच दिया था।
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पुत्तीलाल अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी बहू मनोरमा और कौशल्या ने बताया कि उनके ससुर का वर्ष 2024 में देहांत हो चुका है। यह घर नाजिमा बाई से खरीदा था। दोनों शूटरों का गांव आना-जाना था। गांव में उनकी दहशत भी थी। हाल ही में उनकी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया था। उन्होंने कब्जा करने वाले लोगों को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। हालांकि कब्जा करने वाले लोग कौन थे, यह बात ग्रामीण नहीं बता सके।

पिता को नाजिमा से हुआ था प्यार, कृष्ण गोपाल से बने थे करीम खान
अटवा गांव निवासी 95 वर्षीय रामप्रसाद शुक्ला ने बताया कि काफी समय पहले यहां कुछ लोगों ने कई महिलाओं को जमीन देकर बसाया था। इसमें से एक महिला से शूटरों के पिता रौसिंहपुर गांव निवासी कृष्ण गोपाल तिवारी के प्रेम संबंध हो गए। कृष्ण गोपाल तिवारी जरिगवां में कांटा बाबू का काम करते थे। उनकी कमाई अच्छी थी। इसी दौरान वह नाजिमा से मिले और प्रेम हो गया था। नाजिमा के प्यार में पड़कर उन्होंने नाम बदलकर करीम खान रख लिया था। कृष्ण गोपाल उर्फ करीम खान ने नाजिमा से विवाह नहीं किया था। बस दोनों साथ रहते थे। दोनों से तीन पुत्र संजय, राजू व राहुल हुए। इनकी एक पुत्री भी थी, जिसकी करीब दस वर्ष पूर्व गांव में कुएं में गिरकर मौत हो गई थी।
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मां व बेटे राहुल ने बनाई दूरी
संजय व राजू से मां नाजिमा बाई व राहुल ने दूरी बना ली थीं। सूत्रों के अनुसार दोनों नोएडा में रह रहे हैं। राहुल गाड़ी चलाता है। अटवा गांव के लोग बताते हैं कि शूटर संजय की शादी हो चुकी थी। संजय की पत्नी नोएडा के आसपास रहती है।
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