परिवहन निगम की 10,500 बसों और 27 हजार प्राइवेट बसों का यात्री टैक्स एक समान किया जाएगा। वर्तमान में प्राइवेट बस के मालिक को 128 रुपये प्रति सीट प्रतिमाह के रेट से टैक्स चुकाना पड़ता है, जबकि परिवहन निगम की बसों से 150 से 600 रुपये प्रति सीट प्रतिमाह के रेट से टैक्स लिया जाता है। परिवहन निगम कुल 250 करोड़ रुपये सालाना टैक्स चुका रहा है। परिवहन निगम के मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) एचएस गाबा के अनुसार टैक्स से बचने वाली रकम अन्य मद में खर्च होगी, नई बसें खरीदी जाएंगी। वहीं टैक्स समान होने से रोडवेज बसों का सफर सस्ता हो सकता है।