आयकर विभाग ने गहनता से जांच के लिए कुछ निजी व्यक्तियों को दो हजार रुपये के नोट लेकर नेपाल भेजा, जहां आसानी से नोट बदल गए। आयकर विभाग ने यह ऑपरेशन बेहद गोपनीय तरीके से अंजाम दिया था और पुलिस की मदद नहीं ली थी। बता दें कि इसी फर्जीवाड़े की जांच के दौरान आयकर विभाग को सुराग मिला था कि नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में हजारों की संख्या में यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। इसका इस्तेमाल अवैध मस्जिद, मदरसों, मजारों का निर्माण करने के साथ अवैध धर्मांतरण के लिए हो रहा है, जिसकी फंडिंग तामिलनाडु की एक धार्मिक संस्था द्वारा की जा रही है।