झारखंड के लोहरदगा की रहने वाली संजना कुमारी ने जब से होश संभाला तभी से न्यूरो की समस्या के चलते उनका एक हाथ और पैर ठीक से काम नहीं करता था। घर के आर्थिक हालात भी ठीक नहीं थे। ...बावजूद इसके संजना के इरादे बुलंद थे और बचपन से ही बैडमिंटन खेलने के शौक ने उन्हें पिछले दिनों जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स तक पहुंचा दिया। वहां उन्होंने कांस्य पदक जीतकर पूरे देश का मान बढ़ाया। बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें मिलने के लिए दिल्ली बुलाया है। 23 वर्षीय संजना लखनऊ के शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में बीबीए की छात्रा हैं।
अमर उजाला से फोन पर खास बातचीत में संजना ने बताया कि उनके पिता रतन कुमार पूर्व भारतीय सैनिक हैं और मां ऊषा गृहिणी। बताया कि बचपन से ही बैडमिंटन का शौक था लेकिन शरीर साथ नहीं देता था। रांची में कुछ माह लोकल ट्रेनिंग भी ली। पुनर्वास विवि में प्रवेश लिया तो यहां हेड कोच के रूप में गौरव खन्ना का साथ उन्हें मिला। हाल ही में 18 से 24 अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित पांचवें एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने बैडमिंटन की महिला एकल एसएल-3 स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया।
संजना से जब यह पूछा गया कि उनका आदर्श व्यक्ति कौन है तो बोलीं कि मेरा कोई आदर्श नहीं है क्योंकि मैं खुद ही अपनी आदर्श हूं। संजना की उपलब्धि पर पुनर्वास विवि के कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कहा कि संजना की सफलता पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. वीके सिंह, कुलसचिव रोहित सिंह और क्रीड़ा एवं योग प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. पी. राजीव नयन ने भी संजना को बधाई दी।
प्रधानमंत्री से मिलकर रखूंगी अपने मन की बात
प्रधानमंत्री से बृहस्पतिवार को मुलाकात से उत्साहित संजना ने कहा कि वे काफी उत्साहित हैं। कहा, उनके लिए यह मुलाकात सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों को उनसे साझा करने का अवसर भी होगी। संजना ने कहा कि आज भी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, ऐसे में अगर उन्हें अच्छी नौकरी मिल जाए तो वे अपना व परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकेंगी। उन्होंने कहा कि कोशिश करूंगी कि पीएम से वे अपने मन की बात कह पाएं।
2021 में जीते थे तीन स्वर्ण पदक
वर्ष 2021 में बहरीन में आयोजित एशियन यूथ पैरा गेम्स में संजना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन स्वर्ण पदक जीते थे। महिला एकल, महिला युगल और मिश्रित युगल स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतकर उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया था।