‘इलाहाबाद की मेरी पैदाइश है। पर, लखनऊ के सिनेमाघरों में बचपन का काफी वक्त बीता। नोवेल्टी में ‘गुलामी’, ‘महान’ जैसी फिल्में देखी। उमराव, मेफेयर... क्या वक्त था उन सिनेमाघरों का। अब सब कुछ खत्म हो गया है।
लखनऊ में सिंगल स्क्रीन थियेटर्स तो बचे ही नहीं। सरकार को चाहिए कि मेफेयर का पुराना लुक बरकरार रखते हुए उसे फिल्मों का म्यूजियम बना दे।
यह कहना है ‘पान सिंह तोमर’ जैसी फिल्म को निर्देशित कर चुके तिग्मांशु धूलिया का। वह शुक्रवार को अपनी नई फिल्म ‘मिलन टॉकीज’ के लिए लोकेशन तलाशने राजधानी आए थे। इस मौके पर ‘अमर उजाला’ से उन्होंने विशेष बातचीत की। उन्होंने बताया कि यूपी की फिल्म नीति से सूबे की छवि भी बदल रही है।
‘मिलन टॉकीज’ में मोहब्बत की कहानी
तिग्मांशु अपने नए प्रोजेक्ट ‘मिलन टॉकीज’ के बारे में बताते हुए कहते हैं कि इस फिल्म में इलाहाबाद की मॉडर्न लव स्टोरी है। इसकी पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया व कम्युनिकेशन की खास भूमिका है।
लखनऊ के पुराने टॉकीज, घरों व रेस्टोरेंट इत्यादि पर शूट करने की योजना है। इसलिए यहां लोकेशन तलाशने के लिए हूं। कलाकारों का चयन बाकी है। तिग्मांशु बताते हैं कि ‘पान सिंह तोमर’ की शूटिंग के दौरान इस फिल्म का आइडिया आया था।