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रुकेगा सचिवालय में जोड़-तोड़ का खेल

Fri, 06 Jun 2014 11:05 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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सचिवालय में जोड़ तोड़ कर मलाईदार पदों तक पहुंचने का खेल रोकने के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।
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सचिवालय सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों को अब बेवजह काम से वापस नहीं किया जा सकेगा। शासन ने अधिकारियों-कर्मचारियों को वापस करने के संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश तय कर दिया है।

इससे सचिवालय में जोड़तोड़ के जरिये मनमानी करने में अड़ंगा डालने वाले स्टाफ के उत्पीड़न पर अंकुश लगने की संभावना है।

राजकाज पर गहराई से नजर रखने वाले बताते हैं कि सचिवालय में कई विभागों के  कुछ पटल मलाईदार माने जाते हैं।
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मलाईदार पदों के लिए मारामारी

सचिवालय के हर कर्मी की कोशिश होती है कि वह अपने सेवाकाल में कम से कम साल-दो साल के लिए ही उस पटल तक पहुंच कर अपनी माली हालत में इजाफा कर सके।

ऐसे ही कई पटल पर बरसों से एक ही चेहरे जमे हुए हैं। जो लोग पहले से ऐसी कुर्सियों पर होते हैं, वे नए की आमद रोकने की पूरी कोशिश करते हैं।

इसने विभागाध्यक्ष तक अहम भूमिका निभाते हैं। कई विभागाध्यक्ष तो आगे आकर नए को जॉइन कराने से इन्कार के साथ सचिवालय प्रशासन विभाग को उसे वापस करने में भी गुरेज नहीं करते।

कर्मचारी को सरपरस्त की जरूरत

जिस कर्मचारी का सचिवालय सिस्टम में कोई ‘आका’ नहीं हुआ और उसे किसी समीकरण के तहत तैनाती दे भी दी गई तो उसका वहां ज्यादा दिन रुक पाना आसान नहीं होता।  

गौर करने वाली बात यह है कि सचिवालय में इस खेल को रोकने के लिए सचिवालय प्रशासन विभाग ने 1994 से लेकर 2010 के बीच करीब आधा दर्जन पत्र लिखे, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।

विभागीय प्रमुख सचिव व सचिवों द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों को बिना स्पष्ट कारण बताए सचिवालय प्रशासन में वापस करने का सिलसिला बरसों से बदस्तूर जारी है।

काम में होती है दिक्कत

सचिवालय प्रशासन विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि इससे न सिर्फ कार्मिक के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है बल्कि अनावश्यक रूप से प्रशासनिक कठिनाई भी उत्पन्न होती है।

सचिव सचिवालय प्रशासन अरविंद नारायण मिश्र ने अब इस संबंध में समस्त प्रमुख सचिवों व सचिवों को एक कड़ा पत्र लिखा है।

इसमें कर्मचारियों को वापस करने के लिए बाकायदा दिशा-निर्देश तय कर दिए हैं। अफसरों को हिदायत दी गई है कि नए निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। सचिवालय कर्मियों में इस फैसले से खुशी है।
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इस तरह करनी होगी कार्रवाई

- किसी कार्मिक को सचिवालय प्रशासन विभाग में समर्पित न किया जाए। यदि आवश्यक ही हो तो संतोषजनक रूप से कार्य न करने अथवा अनुशासनहीनता किए जाने की स्थिति में उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

- यदि किसी परिस्थिति विशेष में किसी ऐसे अधिकारी को वापस किया जाना अपरिहार्य हो जिसके विरुद्ध कार्यवाही के अधिकार नहीं दिए गए हैं तो उसके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए जरूरी प्रमाण व साक्ष्य के साथ प्रस्ताव सचिवालय प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराएं।
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