अच्छी पुलिसिंग का सबसे बेहतर तरीका जनता से सीधा संवाद है और संवाद हीनता ही कई विवादों को जन्म देती है। ये बातें बुधवार को पुलिस मुख्यालय के नवनिर्मित भवन में हुए सेमिनार में प्रदेश भर के पुलिस कप्तानों को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री मोहसिन रजा ने कहीं।
उन्होंने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के मामले में कहा कि पुलिस को किसी एक मौलवी या व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाए समुदाय के संभ्रांत लोगों से संपर्क रखना चाहिए। इस दौरान चार सत्रों में हुई सेमिनार को पूर्व डीजीपी बृज लाल, सुलखान सिंह और पत्रकार सुनीता एरन ने संबोधित किया।
पुलिस में आंतरिक भ्रष्टाचार पर डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए कोई नरम विकल्प नहीं है, इसके लिए कठोर बनना पड़ेगा। इस विभाग के लिये परसेप्शन बहुत महत्वपूर्ण है। भ्रष्टाचार का बड़ा कारण समय से एफआईआर दर्ज न करना होता है। उन्होंने एक समान रूप से स्थानांतरण नीति लागू करने की बात कही। कहा कि एफआईआर दर्ज करने में पेरशान न हों। विस्तृत जांच कराइए और निगरानी कीजिए, भ्रष्टाचार की जड़ आपको नजर आने लगेगी।