केंद्र की बहु प्रचारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रासंफर (डीबीटी) स्कीम मनरेगा में भी लागू होगी। पहले चरण में प्रदेश के छह जिलों के मजदूर इससे जुड़ेंगे।
इस सिस्टम से श्रमिकों की मजदूरी का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में जाएगा।
इन जिलों के अधिकारियों को डीबीटी स्कीम लागू करने से जुड़ी जानकारी देने के लिए मंगलवार को यहां एक कार्यशाला आयोजित की गई।
इसमें प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास अरुण सिंघल ने अधिकारियों को स्कीम की पूरी तैयारी 30 सितंबर से पहले करने के निर्देश दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास के. रविंद्र नायक ने अधिकारियों को योजना की बारीकियां समझाईं और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। जिन जिलों में मनरेगा कार्यक्रम को डीबीटी से जोड़ा जा रहा है, उनमें रायबरेली, अमेठी, इटावा, चित्रकूट, संतकबीरनगर व श्रावस्ती शामिल हैं।
कार्यशाला में इन जिलों के उपायुक्त मनरेगा के अलावा खंड विकास अधिकारी, ई-एफएमएस (इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) के लिए जिम्मेदार एमआईएस विशेषज्ञ व लेखा से जुड़े अधिकारी शामिल हुए।
शासन ने इन जिलों में ई-एफएमएस सुविधा लागू करने के लिए इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक व बैंक आफ बड़ौदा को चिह्नित किया है। कार्यशाला में इन बैंकों के अधिकारी भी शामिल हुए।