प्रदेश के डिप्लोमा इंजीनियर सोमवार से भूख हड़ताल करेंगे।
उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के महासचिव एसके पांडेय ने कहा कि महासंघ 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव का ध्यान आकर्षित करा रहा है।
लेकिन सरकार की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे नाराज प्रदेश के 24 हजार डिप्लोमा इंजीनियर सोमवार से भूख हड़ताल पर जाएंगे।
उन्होंने कहा, कुछ अधिकारियों द्वारा सरकार को गुमराह करने के कारण हम आन्दोलन के लिए मजबूर हैं। संवैधानिक एवं न्यायिक व्यवस्था के अनुसार हर कार्मिक के लिए सेवाकाल में दो-तीन पदोन्नति की व्यवस्था है।
लेकिन जूनियर इंजीनियर्स की हालत यह है कि 99 प्रतिशत जूनियर इंजीनियर्स इसी पद पर रहते हुए सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
यही नहीं, पदोन्नति के अवसर न होने के कारण डिप्लोमा इंजीनियर्स के साथ 1989 में हुई बैठक में तत्कालीन सरकार ने पदोन्नति वेतनमान देने का निर्णय किया था।
लेकिन छठे वेतन आयोग की सिफारिशों में इसे खत्म कर दिया गया। यानी जूनियर इंजीनियर्स को न तो प्रोन्नति मिलेगी और न ही उसे प्रोन्नत वेतनमान दिया जाएगा।
पिछले दिनों 20 अगस्त को शासन के साथ महासंघ की बैठक हुई थी लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। लिहाजा अब इंजीनियर भूख हड़ताल करेंगे।