भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि मुजफ्फरनगर में जिस तरह से सांप्रदायिक दंगा हुआ वह बिना राजनीतिक संरक्षण व सरकारी शिथिलता के संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह मोदी के शासन में गुजरात को जलने दिया गया, उसी तरह से सपा सरकार में मुजफ्फरनगर को जलने दिया गया।
ऐसे में सपा सरकार से प्रदेश व देश की जनता इसका जवाब मांगेगी और उसे जवाब देना होगा।
भट्टाचार्य यहां विधानभवन के सामने चल रहे पार्टी के धरने को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा आम चुनाव की तैयारी के मद्देनजर एक रणनीति के तहत देश को सांप्रदायिक दंगों की आग में झोंक देना चाहती है।
इसी योजना के तहत संघ परिवार मोदी और अमित शाह को आगे लेकर आया है। उन्होंने कहा कि संसद में कांग्रेस और भाजपा की मिलीभगत से नया भूमि अधिग्रहण कानून पारित किया गया जो अंग्रेजों के जमाने के कानून से भी ज्यादा खतरनाक और किसान विरोधी है।
दीपंकर ने कहा है कि वह 21 अक्तूबर को फिर लखनऊ आ कर जवाब दो रैली करेंगे। छह दिन से जारी पार्टी का धरना प्रदर्शन शनिवार को छह सूत्रीय प्रस्ताव पेश कर संपन्न हो गया।