लखनऊ। उप्र फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने 139 लोगों पर फार्मासिस्ट का पंजीकरण कराने के लिए जाली दस्तावेज लगाने का आरोप लगाया है। गाजीपुर थाने की पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रमोद के मुताबिक फार्मेसी काउंसिल में डिप्लोमा और डिग्रीधारक फार्मेसी के विद्यार्थियों का पंजीयन होता है। कुछ समय पहले उप्र प्राविधिक शिक्षा परिषद से 114 फार्मासिस्टों के लगाए दस्तावेजों का परीक्षण कराया, जिसमें सभी दस्तावेज जाली निकले। काउंसिल ने इनका एक बार फिर परीक्षण कराने के लिए 31 दिसंबर को शिक्षा परिषद से पत्राचार किया। दोबारा परीक्षण में इनमें से 102 के दस्तावेज जाली मिले।
जांच में पता चला कि इन सभी ने मध्य प्रदेश स्थित श्री कृष्ण यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा और डिग्री का कोर्स किया था। इन्होंने पीजीआई संस्थान के लिए पंजीकरण कराने की कोशिश की थी। प्रमोद ने बताया कि 37 अन्य लोगों ने इन आरोपियों का साथ दिया था। इन लोगों ने इनके जाली दस्तावेज बनवाए थे। काउंसिल की जांच पूरी होने पर प्रमोद ने पुलिस से शिकायत की।
इन पर हुई कार्रवाई
इंस्पेक्टर राजेश मौर्या ने बताया कि रजिस्ट्रार की तहरीर पर अभिषेक यादव, आदेश कुमार, अध्ययन कुमार, आलोक, अमित कुमार, अमित कुमार अग्रवाल, आशा राम, बबिता देवी, भूपेंद्र कुमार, बृजेंद्र कुमार व 129 अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रजिस्ट्रार से इनके दस्तावेज मांगे गए हैँ। विवेचना में जो साक्ष्य मिलेंगे उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।