कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ भाजपा प्रत्याशी के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ने वाले दिनेश सिंह विधान परिषद के सदस्य बने रहेंगे। दलबदल कानून के तहत दिनेश सिंह की सदस्यता रद्द करने के लिए दी गई याचिका विधान परिषद सभापति ने खारिज कर दी है।
कांग्रेस के ही विधान परिषद सदस्य दीपक सिंह ने उत्तर प्रदेश विधान परिषद सदस्य (दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता) नियमावली-1987 के नियम-7 के तहत दिनेश सिंह की सदस्यता रद्द करने के लिए याचिका प्रस्तुत की थी। दिनेश सिंह रायबरेली के स्थानीय निकाय विधान परिषद क्षेत्र से मार्च 2016 में कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे।
दीपक सिंह की ओर से दी गई याचिका में कहा गया था कि दिनेश सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। 21 अप्रैल 2018 को दिनेश ने एक रैली का आयोजन किया था, जिसमें भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे थे।
अपने आचरण से दिनेश सिंह ने स्वेच्छा से कांग्रेस की सदस्यता त्याग दी है। वह कांग्रेस से किसी तरह का कोई संबंध नहीं रखते हैं, जबकि भाजपा के मंचों पर उपस्थित रहते हैं। उधर अपने जवाब में दिनेश सिंह ने कहा कि 18 अप्रैल 2017 को कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था।