जंगली जानवरों के संरक्षण के लिए काम करने वाली वाइल्डलाइफ एसओएस एनजीओ के सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनरायन ने कहा कि पर्यटक आगरा ताज देखने आते हैं। इन पर्यटकों को ताज से सिर्फ 30 किमी की दूरी पर 200 से अधिक जंगली भालुओं के संरक्षण केंद्र को भी दिखाया जा सकता है।
इसी तरह करीब 80 किमी दूर मथुरा में हाथियों के लिए संरक्षण केंद्र है। यहां रेस्क्यू कर लाए गए हाथियों को रखा जाता है। दो दिन पहले खुद कनाडा के प्रधानमंत्री और उनके परिवार ने यहां आकर हाथियों को देखा। यह दोनों ऐसी धरोहर हैं जिनके लिए लोग लाखों रुपए विदेशों में जाकर खर्च करके आते हैं। इन संभावनाओं को पर्यटन से जोड़ा जाना चाहिए।