उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने नारद मुनि की तुलना गूगल से करते हुए कहा था कि आज जिस तरह गूगल को तमाम विषय के जानकार के रूप में माना जाता है, पौराणिक काल में भी एक विशेष चरित्र हुआ करते थे नारद मुनि। जो कहीं भी, कभी भी पहुंचकर हर जिज्ञासा को शांत कर देते थे। समस्या का निदान भी सुझाते थे। वे तीन बार नारायण नारायण बोलकर ही कोई भी संदेश कहीं से कहीें पहुंचा देते थे। डॉ. शर्मा का बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही विरोध शुरू हो गया। फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप्प सहित न्यूज चैनलों पर भी डॉ. शर्मा के बयान को लेकर बहस शुरू हो गई।