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डिजिटल उपस्थिति : शिक्षक एकजुट, अफसर नाकाम

Tue, 09 Jul 2024 06:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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डिजिटल उपस्थिति के विरोध में प्रदर्शन के लिए विकास भवन परिसर में बीएसए दफ्तर के सामने जुटे शिक् - फोटो : स्रोत-संगठन
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रायबरेली। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ की डिजिटल उपस्थिति शुरू नहीं हो सकी। महानिदेशक का आदेश आने के बाद से ही शिक्षक संगठन विरोध पर उतर आए हैं। सभी ने बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। सोमवार को जिलेभर के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति नहीं दी।
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राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सोमवार को जोरदार आंदोलन किया। विकास भवन परिसर में दोपहर बाद जुटे शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों ने नारेबाजी की। पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
डिजिटल उपस्थिति के मामले में शिक्षकों की एकजुटता का असर दिखा, वहीं विभागीय अधिकारियों की सारी कोशिशें नाकाम रहीं। एक तरह से डिजिटल उपस्थिति को अमल में लाने में अधिकारी फेल नजर आए और शिक्षकों की एकजुटता सफल दिखी। परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति और एमडीएम पंजिका 25 जून से डिजिटल मान्य की गई है, लेकिन इसकी प्रगति भी काफी नहीं है।
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शिक्षकों की उपस्थिति पंजिका समेत अन्य 10 रजिस्टर को 15 जुलाई से ऑनलाइन किया जाना था, लेकिन नए आदेश में अध्यापकों की डिजिटल उपस्थिति 8 जुलाई से शुरू करने की बात कही गई। इसके लिए विभागीय अफसरों ने काफी कोशिश की, लेकिन नतीजे शून्य रहे।
जिला समन्वयक (एमआईएस) अविलय सिंह ने बताया कि डिजिटल रजिस्टर में बच्चों की उपस्थिति 22 प्रतिशत और एमडीएम में 29 फीसदी है। शिक्षकों की उपस्थिति पोर्टल पर शून्य प्रदर्शित हो रही है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश का अनुपालन कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।


शिक्षकों ने काला फीता बांध जताया विरोध
रायबरेली/नसीराबाद/सतांव। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आह्वान पर सोमवार को जिलेभर के सभी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों ने डिजिटल उपस्थिति नहीं दी। काला फीता बांधकर शिक्षण कार्य किया। जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप यादव ने बताया कि 14 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। ऑनलाइन उपस्थिति नहीं देंगे। इसके बाद तय रणनीति के तहत आंदोलन चलता रहेगा। सतांव विकास क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों समेत किसी भी स्टाफ ने ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई।
काली पट्टी बांध कर विरोध किया। जरिया, स्वामी खेड़ा, कोंसा, गोझरी, बखरी, बरउवा, चिलौला भंगरिया, बथुवा, मनेहरू, मलिकमऊ चौबारा समेत सभी स्कूलों में शिक्षकों ने विरोध जताया, लेकिन शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हुआ। प्राथमिक शिक्षक संघ के सताव ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रमणि वाजपेयी ने कहा कि सरकार को शिक्षकों की मांगे माननी होंगी। छतोह विकास क्षेत्र के सभी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य किया।


बिना जमीनी हकीकत जाने दिया गया है आदेश : प्रदेश संगठन मंत्री
प्रदेश संगठन मंत्री शिवशंकर सिंह ने कहा कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 8 जुलाई से ऑनलाइन उपस्थिति देने का आदेश जारी किया गया है, जो तुगलकी फरमान है। विभागीय अधिकारी जमीनी हकीकत जाने बगैर अव्यावहारिक आदेश करते रहते हैं।
जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि समस्याओं से संबंधित मांग पत्र कई बार दिया जा चुका है, जिस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिला महामंत्री संजय कनौजिया और जिला संगठन मंत्री मधुकर सिंह ने कहा कि डिजिटलाइजेशन और ऑनलाइन उपस्थिति का पुरजोर विरोध किया जाता रहेगा।
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शिक्षक संगठन की प्रमुख मांगें
अन्य विभागों की भांति हाफ डे लीव और प्रतिकर अवकाश प्रदान किया जाए।
राज्य कर्मियों की भांति 30 ईएल या महाविद्यालयों की भांति पीएल दिया जाए।
मौसम की प्रतिकूलता, विभागीय कार्यक्रमों के लिए शिथिलता का अधिकार दें।
सर्वर क्रैश होने पर वैकल्पिक व्यवस्था का स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किया जाए।
भेदभावपूर्ण एवं शोषणकारी ऑनलाइन उपस्थिति की व्यवस्था को समाप्त करें।
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